

Pankaj Tripathi News: अरे दादा! कालीन भैया अब बदलने वाले हैं। अपने गंभीर और संस्कारी इमेज को छोड़कर अब पंकज त्रिपाठी कुछ नया करने वाले हैं, खुद को मॉडर्न बनाने वाले हैं। हाल ही में एक समिट में उन्होंने अपनी ‘मिर्जापुर’ की तैयारी से लेकर अपने बचपन के दिलचस्प किस्सों तक, कई बातें खुलकर शेयर कीं।
Pankaj Tripathi News: ‘कालीन भैया’ अब घमंड लाने वाले हैं? पंकज त्रिपाठी ने बताया ‘मिर्ज़ापुर 3’ का हाल!
मुंबई में आयोजित हुए एबीपी नेटवर्क के प्रतिष्ठित समिट ‘आईडियाज ऑफ इंडिया 2026’ में बॉलीवुड के कई नामी सितारे शिरकत कर रहे हैं। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मनोरंजन जगत की हस्तियां देश के विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय और अनुभव साझा कर रही हैं। इसी कड़ी में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाले पंकज त्रिपाठी भी इस समिट का हिस्सा बने। उन्होंने यहां पर असल जिंदगी और रील लाइफ के बीच के अंतर पर खुलकर बात की, जिसे सुनकर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हर कोई हैरान रह गया।
Pankaj Tripathi ने खोली अपनी तैयारी की पोल!
इवेंट के दौरान जब पंकज त्रिपाठी से उनकी बहुप्रतीक्षित वेब सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर 3’ की तैयारी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कहा, “उसकी तैयारी तो मेकर्स कर रहे हैं। मुझे तो बस जाना है और संवाद बोलना है। बिल्कुल ऐसे ही जैसे मैं अभी बोल रहा हूं, धीरे-धीरे। सिद्धार्थ पूछ रहा था कि फिट लग रहे हो, तो बता दूं कि अभी जाकर दौड़ लगाऊंगा। तो ऐसे ही एक्टिंग की तैयारी चल रही है।” उन्होंने आगे बताया कि ‘मिर्ज़ापुर’ के लिए उन्हें खास तैयारी नहीं करनी पड़ती, क्योंकि वह किरदार उनकी नस-नस में बस चुका है।
‘रंग बिरंगे’ पंकज त्रिपाठी: विनम्रता से घमंड तक का सफर!
हाल ही में पंकज त्रिपाठी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लाल रंग के कपड़ों में एक तस्वीर साझा की थी, जो उनकी अब तक की धीर-गंभीर छवि से बिल्कुल अलग थी। इस तस्वीर ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। जब उनसे इस बदलाव के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया, “हां, मैं थोड़ा खुद को बदलने की कोशिश कर रहा हूं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मैं समय के साथ आगे चलने की कोशिश कर रहा हूं। अब तो मैं कपड़ों को ही नहीं, विचारों को भी बदलने की सोच रहा हूं। बहुत हो गया विनम्रता-विनम्रता, अब थोड़ा घमंड लाने वाला हूं।” उनका यह बयान बताता है कि वह अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलकर कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं।
नदी, सांप और बिच्छू के बीच बीता पंकज त्रिपाठी का बचपन
अपने बचपन की यादें ताज़ा करते हुए पंकज त्रिपाठी ने एक बेहद दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया, “मेरा बचपन बहुत सुंदर था। वहां कुछ टीवी तो नहीं होती थी, चार रेडियो सेट थे। वहां ना सड़क थी, ना बिजली थी, तो बच्चों के खेलने के लिए सांप, बिच्छू, तारे यही सब होते थे।” उन्होंने आगे कहा कि उनके घर के पीछे एक नदी थी, जहां उन्होंने तैरना सीखा। पंकज ने एक मज़ेदार बात साझा की कि बचपन में किसी ने उन्हें बताया कि नदी-तालाब में छोटे-छोटे कीड़े होते हैं, पंडुब्बी। अगर उन्हें पी लो तो तैरना सीख जाओगे। उन्होंने वही किया और तैरना सीख गए। यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंसे बिना नहीं रह पाए। पंकज त्रिपाठी के इस सहज और सरल अंदाज़ ने सभी का दिल जीत लिया, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।





