



Rajendra Nath News: हिंदी सिनेमा के सुनहरे पर्दे पर जब-जब हास्य के किरदारों की बात होगी, एक नाम हमेशा सितारों की तरह चमकेगा – राजेंद्र नाथ। अपनी अनोखी अदाकारी, समयबद्ध कॉमेडी और यादगार भूमिकाओं से उन्होंने दशकों तक दर्शकों को हंसाया और दिल जीता। 1960 और 70 के दशक में जॉनी वॉकर और महमूद जैसे दिग्गज हास्य कलाकार पहले से ही अपनी छाप छोड़ चुके थे, लेकिन राजेंद्र नाथ ने अपनी जुदा शैली से यह साबित कर दिखाया कि भीड़ में भी अपनी पहचान कैसे बनाई जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राजेंद्र नाथ: वह हास्य कलाकार जो नायक पर भी भारी पड़ जाता था!
राजेंद्र नाथ: ‘पोपटलाल’ जिसने इतिहास रच दिया
साल 1961 में आई फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ ने राजेंद्र नाथ के करियर को एक नई उड़ान दी। इस फिल्म में देव आनंद और आशा पारेख मुख्य भूमिकाओं में थे, लेकिन सहायक अभिनेता के तौर पर राजेंद्र नाथ के किरदार ‘पोपटलाल’ ने दर्शकों का मन मोह लिया। देव आनंद के साथ उनकी केमिस्ट्री, उनकी सहज हास्य टाइमिंग और पोपटलाल का वो खास लुक इतना पॉपुलर हुआ कि ‘पोपटलाल’ उनका दूसरा नाम ही बन गया।
इस फिल्म की अपार सफलता ने उन्हें घर-घर तक पहुंचाया और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राजेंद्र नाथ ने 200 से भी अधिक हिंदी और पंजाबी फिल्मों में अपनी हास्य कला का प्रदर्शन किया। उनकी कॉमेडी आज भी पुरानी फिल्मों को देखने वालों के चेहरों पर मुस्कान ले आती है, और हिंदी सिनेमा के हास्य इतिहास में उनका योगदान अमर है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
राजेंद्र नाथ ने 60 और 70 के दशक में खुद को एक अग्रणी Bollywood Comedian के तौर पर स्थापित कर लिया था। वह उस दौर के लगभग सभी बड़े अभिनेताओं के साथ काम कर रहे थे, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने भी शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष किया। अपने करियर के आरंभ में, उन्होंने पृथ्वी थिएटर में छोटे-मोटे रोल करके अभिनय की बारीकियां सीखीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने आज के दौर के उभरते कलाकारों को यह सीख दी है कि कभी भी रोल की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एक सच्चा कलाकार अपने दमदार अभिनय से बड़े पर्दे पर भी दर्शकों की तालियां बटोर सकता है। वह उन चुनिंदा हास्य अभिनेताओं में से एक थे, जो अपनी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस से फिल्म के लीड रोल पर भी भारी पड़ते थे।
राजेंद्र नाथ का जन्म 8 जून, 1931 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में हुआ था। दुर्भाग्यवश, 13 फरवरी 2008 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया, और हिंदी सिनेमा ने अपना एक चमकता सितारा खो दिया। उनकी कॉमेडी, विशेषकर ‘पोपटलाल’ का किरदार, उनके करियर का सबसे यादगार अध्याय बना रहा, जो हिंदी सिनेमा के हास्य इतिहास में हमेशा अमर रहेगा। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



