



Rajpal Yadav News: कभी अपनी कॉमेडी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राजपाल यादव आज एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन उनकी आंखों में उदासी और जुबान पर अकेलापन है। एक समय था जब उनका घर मुंबई में स्ट्रगलिंग एक्टर्स का अड्डा हुआ करता था, लेकिन आज संकट की घड़ी में उनके साथ कोई खड़ा नहीं दिख रहा है।
Rajpal Yadav के संघर्ष की कहानी: जब बॉलीवुड का ‘कॉमेडी किंग’ हुआ अकेला, नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी खाते थे उनके घर
Rajpal Yadav News: अपनी शानदार कॉमेडी और बेमिसाल अदाकारी से लाखों दिलों पर राज करने वाले एक्टर राजपाल यादव इन दिनों एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहाँ उन्हें अकेलापन महसूस हो रहा है। बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले इस कलाकार के साथ एक समय ऐसा भी था, जब उनका घर इंडस्ट्री में संघर्ष कर रहे अनगिनत एक्टर्स के लिए किसी ‘लंगर’ से कम नहीं था। नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे बड़े नाम भी उनकी मेहरबानी के कायल रहे हैं, जो उनके घर पर नियमित रूप से खाना खाते थे।
Rajpal Yadav का वो दौर, जब उनका घर था ‘लंगर’
फिल्म इंडस्ट्री के कई एक्टर्स ने खुद इस बात को कबूला है कि राजपाल यादव दिल के कितने बड़े थे। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने ‘द लल्लनटॉप’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया था, “राजपाल यादव बहुत कमाल के शख्स हैं। जब राजपाल यादव का मुंबई में काम चल रहा था, तो बहुत लोग उनके घर खाते थे। उन्होंने कभी इंकार नहीं किया। उफ्फ तक नहीं की। राजपाल यादव के घर पर हम स्ट्रगलिंग एक्टर्स का लंगर होता था। वो बहुत मजाक करते थे।” यह उन दिनों की बात है जब नवाजुद्दीन सहित कई अन्य कलाकार अपने करियर के शुरुआती संघर्ष से जूझ रहे थे, और राजपाल यादव ने हमेशा उनकी मदद की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज हालात ऐसे हैं कि जिस राजपाल यादव ने दूसरों को इतना कुछ दिया, वही आज मुश्किल में अकेले खड़े हैं। जब उन्हें सरेंडर करना पड़ा था, तब वे बेहद भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा था, “सर क्या करें, मेरे पास पैसे नहीं है। कोई दोस्त नहीं है, कोई उपाय नहीं है। हम अकेले हैं। मुश्किल समय में हमें खुद ही डील करना पड़ रहा है।” यह बताता है कि इंडस्ट्री में दोस्ती और रिश्ते कितने पल भर के होते हैं।
मुश्किल के दिन और सोनू सूद का साथ
एक्टर दिब्येंदु भट्टाचार्य ने भी राजपाल यादव की दरियादिली का जिक्र किया है। उन्होंने बताया था, “हम सारे दोस्त वहीं मिलते थे। उनके घर पर ही खाना बनाते थे। वो एक समय था। उस समय हमें कल की चिंता नहीं था।” यह उस दौर की बात है जब राजपाल यादव का घर संघर्षरत कलाकारों के लिए एक पनाहगाह हुआ करता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में भी कुछ लोग ऐसे हैं जो राजपाल यादव के साथ खड़े हैं। सोनू सूद ने उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मदद का हाथ बढ़ाया है और उन्हें अपनी एक फिल्म ऑफर की है। यह बताता है कि बॉलीवुड में इंसानियत अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह घटना दर्शाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में समय कितना बलवान होता है। एक दौर था जब राजपाल यादव के आसपास दोस्तों का जमावड़ा लगा रहता था, और आज वही कलाकार अपने संघर्ष के दिनों में अकेला पड़ गया है।



