
Rani Mukerji News: सिनेमाई पर्दे पर एक दमदार हीरोइन जब अपनी अदाकारी का जादू बिखेरती है, तो दर्शक बस टकटकी लगाए देखते रह जाते हैं। रानी मुखर्जी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह क्यों बॉलीवुड की ‘मर्दानी’ क्वीन हैं, उनकी हर अदा, हर डायलॉग और हर एक्सप्रेशन दिल में उतर जाता है, इसी की एक विस्तृत फिल्म समीक्षा प्रस्तुत है।
रानी मुखर्जी की फिल्म ने मचाया धमाल, दिल दहला देने वाला प्रदर्शन
यह फिल्म दिखाती है कि एक कुशल अभिनेत्री परदे पर क्या कमाल कर सकती है। फिल्म के हर एक फ्रेम में रानी मुखर्जी छाई हुई हैं, जो यह साबित करती हैं कि क्यों वह आज भी ‘रानी’ हैं। हालांकि इसके ट्रेलर ने ‘दिल्ली क्राइम 3’ की याद दिलाई, लेकिन फिल्म उससे कहीं आगे निकल जाती है। यह सिर्फ लड़कियों की ट्रैफिकिंग तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उससे कहीं बढ़कर आपका दिल चीर देती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कहानी: क्या सच में लड़कियां हो रही हैं गायब?
फिल्म की कहानी कुछ लड़कियों के रहस्यमय तरीके से गायब होने के इर्द-गिर्द घूमती है। एसपी शिवानी शिवाजी रॉय, यानी हमारी रानी मुखर्जी, इस मामले की जांच में जुट जाती हैं। शुरुआत में यह मामला किसी साधारण सेक्स रैकेट से जुड़ा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलती हैं, शिवानी को पता चलता है कि मामला उससे कहीं ज़्यादा गहरा है। क्यों ये लड़कियाँ अचानक लापता हो रही हैं? कुछ को बेरहमी से क्यों मारा जा रहा है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी। कहानी में कई ऐसे मोड़ हैं जो आपको अपनी सीट से हिलने नहीं देंगे।
रानी मुखर्जी का अभिनय: रोंगटे खड़े कर देने वाला प्रदर्शन
यह एक शानदार फिल्म है जो आपको अंदर तक झकझोर कर रख देगी। फिल्म की असली जान रानी मुखर्जी हैं, जो हर सीन में अविश्वसनीय लगती हैं। फिल्म की शुरुआत दमदार होती है, हालांकि बीच में स्क्रीनप्ले थोड़ा भटकता है, लेकिन रानी अपने ज़बरदस्त अभिनय से फिल्म को संभाले रखती हैं। फिल्म में आने वाले ट्विस्ट और टर्न इसे और भी रोमांचक बनाते हैं। कई जगहों पर फिल्म आपको बेचैन कर देती है, आप जानना चाहते हैं कि इन मासूम बच्चियों के साथ आखिर क्या हो रहा है। जब सच सामने आता है, तो आपका दिल पसीज जाता है। रानी मुखर्जी ने अपने किरदार को इस तरह जिया है कि वह हर फ्रेम में अपनी छाप छोड़ जाती हैं। उनकी मराठी बोलने की शैली, उनके एक्शन सीक्वेंस जो किसी दबंग सिंघम से कम नहीं लगते, और उनके पावरफुल डायलॉग डिलीवरी, सब कुछ कमाल का है। अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद ने अम्मा नाम की विलेन के किरदार में दमदार काम किया है, और डर पैदा करने में वह काफी हद तक सफल रही हैं। जानकी बोड़ीवाला का काम भी सराहनीय है। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
निर्देशन और लेखन: कहानी में कितना दम?
फिल्म की कहानी आयुष गुप्ता, दीपक किंगरानी और बलजीत सिंह मरवाह ने लिखी है, और इसका निर्देशन अभिरज मीनावाला ने किया है। हालांकि लेखन और बेहतर हो सकता था, लेकिन निर्देशन काफी बढ़िया है। निर्देशक ने रानी मुखर्जी की क्षमता का शानदार इस्तेमाल किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
फिल्म के प्रमुख बिंदु:
- **अभिनय:** रानी मुखर्जी का करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
- **कहानी:** दिल दहला देने वाली और सामाजिक मुद्दे पर आधारित।
- **थ्रिल:** फिल्म में कई ट्विस्ट और टर्न, जो बनाए रखते हैं सस्पेंस।
- **भावनात्मक प्रभाव:** दर्शकों को अंदर तक झकझोरने की क्षमता।
कुल मिलाकर, रानी मुखर्जी की दमदार एक्टिंग के लिए यह फिल्म निश्चित रूप से देखी जानी चाहिए। उनकी अदाकारी फिल्म की छोटी-मोटी कमियों को भी ढक देती है। यह फिल्म असरदार, जानदार और देखी योग्य है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- **रेटिंग:** 3.5 स्टार्स



