
Sameera Reddy News: फिल्मी पर्दे से दूर, लेकिन सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहने वाली अदाकारा समीरा रेड्डी ने अब बॉलीवुड के चमकदार लेकिन अक्सर क्रूर दिखने वाले ब्यूटी स्टैंडर्ड्स पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक चौंकाने वाले खुलासे में, समीरा ने बताया कि कैसे उन्हें इंडस्ट्री में ‘गोरा’ दिखने के लिए अपनी त्वचा पर मेकअप लगाना पड़ता था, जो उन्हें अंदर से तोड़ देता था। उनकी यह बात अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
हाल ही में एक जाने-माने मीडिया पोर्टल से खास बातचीत में, समीरा रेड्डी ने अपने करियर के शुरुआती दौर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उस समय उन्हें अपने शरीर पर गोरा करने वाला मेकअप लगाना पड़ता था। समीरा रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि हमारे माता-पिता की पीढ़ी कुछ बातों को शायद नहीं समझती थी या उन्हें मुद्दा नहीं मानती थी, लेकिन आज की पीढ़ी इन विषयों पर ज्यादा मुखर और जागरूक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आज हम राजनीतिक रूप से ज्यादा सही हैं, लैंगिक समानता की बात करते हैं और बुलिंग या ट्रोलिंग जैसे मुद्दों पर अधिक जागरूक रहते हैं।
Sameera Reddy ने खोली इंडस्ट्री के रंगभेद की पोल
अभिनेत्री ने आगे कहा कि मातृत्व ने उनके काम के प्रति दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को बदल दिया है। उन्होंने अपने करियर को कुछ समय के लिए विराम दिया और अपने बच्चों के पालन-पोषण पर ध्यान केंद्रित किया। इस फैसले पर कभी-कभी उन्हें खुद से भी सवाल करने पड़ते हैं, लेकिन वह कहती हैं कि “जो है वो है”।
समीरा रेड्डी ने बॉलीवुड ब्यूटी स्टैंडर्ड्स के अवास्तविक दबावों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि एक अभिनेत्री और एक महिला होने के नाते, उन्हें शुरुआत में महसूस होता था कि उन्हें गोरा होना चाहिए। वह कहती हैं, “किसी अजीब कारण से, हर कोई मुझ पर गोरा करने वाला मेकअप लगाता था। मुझे अपने पूरे शरीर पर मेकअप लगाना पड़ता था, और यह बात मुझे बहुत परेशान करती थी।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ‘बहुत स्लिम’ न होने का एहसास कराया जाता था। एक लंबी लड़की होने के नाते, उन्हें अक्सर यह महसूस कराया जाता था कि वह ‘लंबी और बड़ी’ हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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इंडस्ट्री के अवास्तविक मानक और उनका प्रभाव
समीरा ने आगे कहा, “शुरुआत में ये सारी बातें मेरे साथ रहीं। सालों तक एक अभिनेता के तौर पर मेरा नेरेटिव हमेशा मेरे ‘साइज’ के बारे में रहा, जबकि यह मेरी प्रतिभा और अभिनय के बारे में होना चाहिए था।” वह अब जब पीछे मुड़कर देखती हैं, तो उन्हें समझ नहीं आता कि उन्होंने ऐसा क्यों होने दिया, लेकिन उस समय यह इंडस्ट्री का एक सामान्य नियम था। उनका यह बयान कई उभरती हुई अभिनेत्रियों और युवा लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है, जो बॉलीवुड ब्यूटी स्टैंडर्ड्स के दबाव में अपनी पहचान खो देती हैं। समीरा की यह बात दर्शाती है कि कैसे सितारों को भी कभी-कभी अवास्तविक उम्मीदों का सामना करना पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

