Shah Rukh Khan News: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उनकी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को टीम में शामिल करने के फैसले ने पूरे देश में एक नई बहस छेड़ दी है, खासकर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बाद। इस फैसले को लेकर अब राजनीतिक गलियारों से लेकर संतों तक ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे शाहरुख खान और उनकी फिल्मों को बायकॉट करने की मांग जोर पकड़ रही है।
शाहरुख खान विवाद: केकेआर के फैसले पर भड़का आक्रोश, बायकॉट की मांग तेज
शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को शामिल करने के फैसले पर बीजेपी विधायक करनैल सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार, यह एक गंभीर मामला है और बॉलीवुड तथा बड़े अभिनेताओं की मानसिकता पर सवाल खड़े करता है। करनैल सिंह ने साफ तौर पर कहा कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, तब ये लोग चुप रहते हैं, लेकिन भारत में किसी छोटी सी बात पर तुरंत रिएक्ट करते हैं। उन्होंने इसे हिंदू विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया और सीधे तौर पर शाहरुख खान पर सवाल उठाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
करनैल सिंह ने शाहरुख खान को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें उस देश के प्रति वफादारी निभानी चाहिए, जिसमें वे रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी को बांग्लादेशी खिलाड़ियों की इतनी चिंता है, तो उन्हें खुद बांग्लादेश चले जाना चाहिए। लेकिन अगर भारत में रहना है, तो यहां की संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करना ही पड़ेगा। उन्होंने भारत में रहने वाले हर व्यक्ति के लिए ‘जय श्री राम’ कहना और देश के प्रति वफादारी निभाना जरूरी बताया।
संतों का फूटा गुस्सा: ‘हमेशा हिंदू विरोधी एजेंडा रहा है’
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के संत देवेशाचार्य महाराज ने भी कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देवकीनंदन ठाकुर ने बिल्कुल सही कहा है। जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और जलाया जा रहा है, ऐसे समय में उस देश के खिलाड़ी का भारत में खेलना चिंताजनक है। संत देवेशाचार्य ने सवाल उठाया कि क्या शाहरुख खान ने कभी उन हिंदुओं के लिए ट्वीट किया या उनके बारे में सोचा जो वहां मारे जा रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि शाहरुख खान का हमेशा ही हिंदू विरोधी एजेंडा रहा है।
देवेशाचार्य महाराज ने पूरे भारत में शाहरुख खान और उनकी टीम के Boycott की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्मों का बायकॉट किया जाना चाहिए और टीम को भी इस मामले में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब भी भारत या हिंदुओं के खिलाफ कोई संकट आता है, शाहरुख खान कभी सामने नहीं आते। ऐसे में देवकीनंदन ठाकुर ने जो कहा, वह सही और समय की जरूरत के मुताबिक है। उन्होंने शाहरुख खान से अपील की कि वे इस मामले की गंभीरता को समझें और किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को अपनी टीम में खेलने का मौका न दें। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
अखाड़ा परिषद ने भी की फैसले को वापस लेने की मांग
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी है। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि शाहरुख खान को जो भी सम्मान और पहचान मिली है, वह भारत और यहां के लोगों की वजह से है। ऐसे में उन्हें देशवासियों की भावनाओं और राष्ट्रहित का पूरा सम्मान करना चाहिए। देश विरोधी सोच या ऐसे निर्णय, जो देश की भावनाओं के खिलाफ हों, किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने इस फैसले को आस्था पर चोट बताते हुए कहा कि मैं चाहता हूं कि शाहरुख खान अपने इस फैसले को वापस लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- **विवाद का कारण:** शाहरुख खान की केकेआर टीम में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान का शामिल होना।
- **आरोप:** बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बावजूद बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में लेना।
- **प्रमुख प्रतिक्रियाएं:** कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, बीजेपी विधायक करनैल सिंह, सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के संत देवेशाचार्य महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी।
- **मांग:** शाहरुख खान और उनकी फिल्मों का बायकॉट, केकेआर के फैसले को वापस लेना।
आपको बता दें कि शाहरुख खान अब फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे, जिसका फर्स्ट लुक सामने आ चुका है। यह फिल्म साल 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगी।





