
Sooraj Barjatya News: बॉलीवुड में पारिवारिक फिल्मों के महारथी कहे जाने वाले सूरज बड़जात्या ने दशकों तक दर्शकों को प्यार और रिश्तों के धागे से पिरोई कहानियों से बांधे रखा है। लेकिन अब समय का पहिया बदला है और इसके साथ ही बदल गए हैं उनके फिल्मों के सोच और किरदार।
Sooraj Barjatya: ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी फिल्में अब नहीं बन सकतीं! महिलाओं को घर बैठा नहीं दिखा सकते – सूरज बड़जात्या
Sooraj Barjatya की सोच में आया बड़ा बदलाव: समय के साथ कहानियों का स्वरूप
बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या ने हमेशा ही अपनी फिल्मों से भारतीय परिवारों के दिलों पर राज किया है। ‘हम आपके हैं कौन’, ‘विवाह’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक ऐसा मुकाम दिलाया, जहां उनकी पहचान पारिवारिक मूल्यों और प्रेम कहानियों के लिए होती है। उनकी फिल्मों में अक्सर महिलाओं को घर की लक्ष्मी और होममेकर के रूप में दिखाया गया, लेकिन अब सूरज का मानना है कि वक्त बदल चुका है और आज की कहानियों में महिलाओं को सिर्फ घर तक सीमित नहीं रखा जा सकता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह खुलासा उन्होंने अपने हालिया Filmmaker Interview में किया।
हिंदुस्तान टाइम्स से खास बातचीत के दौरान, सूरज बड़जात्या ने अपनी फिल्मों की कहानियों को लेकर बड़ी बेबाकी से बात की। उन्होंने कहा, ‘अगर कहानियों की बात करें तो आज अगर मैं सोचूं कि घर पे बैठेंगी लेडीज, तो ये अब पुराना हो चुका है। अब आप ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी फिल्में नहीं बना सकते, जहां सभी एक ही घर में रहते हैं। क्योंकि आज के समय में यह मुमकिन नहीं है। हालांकि, पारिवारिक मूल्य अब भी वही हैं, लेकिन उन्हें पेश करने का तरीका बदल गया है।’
उन्होंने आगे बताया कि उनके सेट पर अब पहले से कहीं ज्यादा महिलाएं काम करती हैं। ‘जब मैंने शुरुआत की थी, तब सेट पर सिर्फ एक्ट्रेसेस, उनकी मां और हेयरड्रेसर ही महिलाएं होती थीं। अब ऊर्जा अलग है। अब सीन अलग होते हैं। हम पहले कॉस्ट्यूम और प्रोडक्शन डिजाइन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फिल्मों में मैंने जितने किचन और मंदिर दिखाए हैं, उतने शायद किसी और ने नहीं दिखाए होंगे। यहीं पर महिलाएं नए आइडिया के साथ आती हैं।’
मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
सूरज बड़जात्या का नया शो ‘संगमरमर’: रिश्तों की नई कहानी
सूरज बड़जात्या अब एक नए शो ‘संगमरमर’ के साथ दर्शकों के बीच आ रहे हैं। यह शो अमृता की अनोखी यात्रा को दर्शाता है। ‘संगमरमर’ के बारे में बात करते हुए सूरज ने कहा, ‘संगमरमर एक ऐसी परिवार की कहानी है जिसके बारे में हम सब जानते हैं। यह रिश्तों को उनके असली रूप में दिखाने की कहानी है – प्यार, गलतफहमियां, इंतजार और साथ रहने की कोशिश। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस शो का मुख्य फोकस सब्र पर है। यह दिखाता है कि कैसे समय आपके रिश्ते को चुनौती देता है और फिर उसे ठीक भी करता है।’ यह Filmmaker Interview सूरज बड़जात्या की बदलती सोच और सिनेमा के प्रति उनके नए दृष्टिकोण को दर्शाता है।






