
Ustaad Bhagat Singh News: साउथ सिनेमा के पावर स्टार पवन कल्याण की मच-अवेटेड फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ सिनेमाघरों में धमाल मचाने को तैयार है। रिलीज से महज कुछ ही दिन पहले इस फिल्म को लेकर एक ऐसा फैसला आया है, जिसने फैंस के बीच तहलका मचा दिया है और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
उस्ताद भगत सिंह: रिलीज से पहले ही आसमान छूने लगीं टिकटों की कीमतें, क्या होगा असर?
Ustaad Bhagat Singh News: पवन कल्याण और हरीश शंकर की जोड़ी एक बार फिर सिनेमाई पर्दे पर आग लगाने आ रही है। फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ 19 मार्च को बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, रिलीज से ठीक छह दिन पहले मेकर्स ने एक ऐसा दांव खेला है, जिसने दर्शकों के बीच खलबली मचा दी है। खबर है कि फिल्म की टिकट की कीमतें अचानक से बढ़ा दी गई हैं, जिसका सीधा असर फिल्म के कलेक्शन और दर्शकों की भीड़ पर पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उस्ताद भगत सिंह: आंध्र प्रदेश में टिकटों की बढ़ीं कीमतें, तेलंगाना में बदलाव नहीं
दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार ने पवन कल्याण अभिनीत फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ के टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। वहीं, तेलंगाना में फिलहाल मौजूदा सरकारी टिकटों की कीमतें ही बरकरार रखी गई हैं। इस फैसले के बाद दोनों राज्यों के बीच कीमतों में बड़ा अंतर पैदा हो गया है, जो इस वक्त फिल्म की रिलीज जितना ही चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बात की पुष्टि स्वयं आंध्र प्रदेश सरकार ने की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अंतर फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस को कैसे प्रभावित करता है।
बढ़ी हुई टिकट की कीमतों के अनुसार, ‘उस्ताद भगत सिंह’ के स्पेशल शो के लिए दर्शकों को 500 रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा, सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में मौजूदा सरकारी टिकटों की कीमत के साथ 100 रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे, जबकि मल्टीप्लेक्स में यह बढ़ोतरी 125 रुपये तक होगी। प्रोडक्शन हाउस मैत्री मूवी मेकर्स के राज्य सरकार से विशेष दरों के लिए औपचारिक आवेदन करने के बाद यह मंजूरी दी गई है। यह कदम फिल्म की कमाई बढ़ाने की एक कोशिश मानी जा रही है, लेकिन इसका असर कैसा होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
हाल ही में, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, इस तरह की बढ़ी हुई टिकट की कीमतें फिल्म के शुरुआती कलेक्शन को तो बूस्ट दे सकती हैं, लेकिन लंबे समय में यह दर्शकों की संख्या पर भी प्रभाव डाल सकता है।
पिछली फिल्म का अनुभव और कोर्ट का फैसला
गौरतलब है कि तेलंगाना हाई कोर्ट के एक पुराने फैसले ने ‘उस्ताद भगत सिंह’ के मेकर्स की योजनाओं पर पानी फेर दिया है। मेकर्स इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि अगर वे तेलंगाना में दोबारा टिकटों की कीमतें बढ़ाने की मांग करते हैं, तो न्यायालय की क्या प्रतिक्रिया होगी। यही वजह है कि तेलंगाना के सिनेमाघरों में टिकट की कीमतें बिना किसी बढ़ोतरी के, मौजूदा सरकारी कीमतों पर ही रखी जाएंगी।
यह सब पवन कल्याण की पिछली फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ के अनुभव के कारण हुआ है। उस फिल्म के लिए तेलंगाना में टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी की अनुमति मिली थी, लेकिन बाद में तेलंगाना उच्च न्यायालय ने इस फैसले को रद्द कर दिया था। इस फैसले ने ‘उस्ताद भगत सिंह’ के लिए किसी भी समान आवेदन पर अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटनाक्रम निश्चित रूप से फिल्म के निर्माताओं के लिए एक चुनौती बन गया है, क्योंकि दो राज्यों में अलग-अलग टिकट दरें एक असामान्य स्थिति पैदा कर रही हैं।



