

Vaishnavi Macdonald News: शक्तिमान में गीता विश्वास का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुईं वैष्णवी मैकडोनाल्ड का बचपन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने जीवन के उन मुश्किल पलों को साझा किया, जिन्हें सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।
# वैष्णवी मैकडोनाल्ड की कहानी: एक फिल्मी सफर, बचपन से संघर्ष तक
वैष्णवी मैकडोनाल्ड ने हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में अपने बचपन के उन दिनों को याद किया, जब उनके माता-पिता के बीच लगातार झगड़ों के कारण उनका परिवार एक होटल से दूसरे होटल में भटकता रहता था। अभिनेत्री ने बताया कि इन हालातों ने उनकी शुरुआती पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित किया। उन्होंने कहा, “मां-बाप के झगड़ों की वजह से हम होटलों में रहते थे। हम एक होटल से दूसरे होटल जाते रहते थे। मैं स्कूल कैसे जा सकती थी। मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी थी, मैं वैज्ञानिक बनना चाहती थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।” यह बचपन का संघर्ष ही था जिसने उन्हें इतना मजबूत बनाया।
## Vaishnavi Macdonald: जब 14 साल की उम्र में गायब हो गए थे पिता
वैष्णवी बताती हैं कि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जब उनका परिवार हैदराबाद के एक छोटे से किराए के घर में रहने लगा और जीवन में थोड़ी स्थिरता आई, तभी अचानक उनके पिता गायब हो गए। यह घटना तब हुई जब वैष्णवी केवल 14 साल की थीं। उन्होंने बताया, “14 साल की उम्र में मैंने भगवान से प्रार्थना करना शुरू किया, उनसे पूछा कि क्या उन्हें हमारी परेशानियां दिखाई नहीं दे रही हैं। दो-तीन महीने के अंदर ही मेरे पिता गायब हो गए। हम उनका पता नहीं लगा पाए।”
वैष्णवी मैकडोनाल्ड ने आगे बताया कि उनकी पिता के गायब होने के बाद, उनकी मां ने किसी से उधार पैसे लिए और उन्हें व उनकी बहन को लेकर मुंबई पहुंच गईं, ताकि अपने पति की तलाश कर सकें। इस दौरान उन्हें एक लॉज में रहना पड़ा। जब किराया देने और खाने के लिए भी पैसे नहीं बचे, तो उनकी मां ने हार मान ली।
### मुंबई में माँ का वो डरावना फैसला और एक चमत्कार
अभिनेत्री ने दिल दहला देने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उनकी मां ने तीनों की जान लेने का सोचा था। वैष्णवी ने बताया, “जब मैं 16 साल की थी और मेरी बहन 12 की, तब मेरी मां हमें ज़हर खिलाने वाली थीं, क्योंकि वो नहीं चाहती थीं कि हम किसी गलत हाथ में पड़ जाएं।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वैष्णवी ने बताया कि उनकी मां बेहद परेशान थीं और उन्हें एक चर्च में लेकर गईं। उसी एक पल के बाद उनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें एक अलौकिक अनुभव हुआ, जहां उन्होंने ईश्वर की शक्ति को महसूस किया और रोने लगीं। जब वे घर वापस आए, तो उन्हें अपने गेट पर नए 100 रुपये के नोटों का एक बंडल मिला। यह ठीक उतनी ही राशि थी जितनी उन्हें अपने बिल चुकाने के लिए चाहिए थी। यह वाकई एक चमत्कार से कम नहीं था, जिसने उनके परिवार को एक नई उम्मीद दी। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

