
Vivan Shah: फिल्मी दुनिया की चकाचौंध में जहां कई सितारे रातों-रात बुलंदियों को छू लेते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनकी अभिनय यात्रा संघर्ष, संयोग और दृढ़ संकल्प का बेजोड़ संगम होती है।
Vivan Shah News: विवान शाह की ज़िंदगी का वो किस्सा, जब एक नाम ने खोला दरवाज़ा, पर काम से मिली पहचान!
Vivan Shah: उनकी फिल्म ’21’ की यात्रा एक अजीबोगरीब लेकिन खूबसूरत संयोग से शुरू हुई। विवान खुद मानते हैं कि उनका नाम ही उनके लिए पहला दरवाजा खोलने का कारण बना, लेकिन असली भूमिका उन्हें अपनी कड़ी मेहनत और तैयारी के दम पर ही मिली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Vivan Shah: नेपोटिज्म पर विवान शाह का बेबाक बयान और ’21’ का अनूठा अनुभव
विवान ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि वे ‘नेपोटिज्म’ का हिस्सा हैं, जिसे वह ‘आर्टिस्टिक नेपोटिज्म’ कहते हैं। उनका मानना है कि मौका तो मिल सकता है, लेकिन खुद को साबित करना पूरी तरह से व्यक्ति की अपनी क्षमता और समर्पण पर निर्भर करता है। फिल्म ’21’ में कैप्टन विजेंद्र मल्होत्रा के रूप में उनका किरदार भले ही छोटा था, लेकिन उसका प्रभाव बहुत गहरा और यादगार रहा। विवान का कहना है कि आज के दौर में स्क्रीन टाइम से कहीं ज़्यादा किरदार का वास्तविक प्रभाव मायने रखता है। अपने मासूम से चेहरे और युवा लुक के बावजूद, एक ऐसे सैन्य भूमिका के लिए चुने जाना उनके लिए बेहद खास अनुभव था। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का बेटा होने का दबाव उन्होंने कभी बोझ नहीं समझा, बल्कि इसे हमेशा प्रेरणा के रूप में लिया। कभी-कभी रिजेक्शन से थोड़ी तकलीफ ज़रूर होती थी, लेकिन विवान ने हमेशा अपनी एक अलग पहचान बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।
अनदेखी से प्रेरणा तक: विवान की अभिनय यात्रा का मोड़
विवान ने कभी सोचा भी नहीं था कि वे एक अभिनेता बनेंगे। स्कूल और कॉलेज के दिनों में लोग अक्सर उनका मज़ाक उड़ाते थे कि “तू पढ़ क्यों रहा है, एक्टर ही बनेगा ना।” लेकिन 19 साल की उम्र में, विशाल भारद्वाज ने उन्हें एक चुनौतीपूर्ण भूमिका के लिए ऑडिशन दिया। सेट पर लोगों को काम करते देखकर उन्हें एहसास हुआ कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा कला रूप भी है। इस अनुभव ने उनकी सोच बदल दी। उन्होंने खुद से कहा, “आभारी रहो। चुप रहो। अपना काम करो।” और तभी से उन्होंने पूरी तरह से अभिनय को अपना करियर बना लिया। आज भी, विवान खुद को एक छात्र मानते हैं। हर नए किरदार के साथ वे कुछ नया सीखते हैं। उनकी अभिनय यात्रा आसान नहीं थी, लेकिन संयोग, अवसरों और अथक मेहनत ने उन्हें यहां तक पहुँचाया। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






