

चारा घोटाले के सबसे बड़े और पांचवें केस में दोषी लालू प्रसाद यादव को सजा सुना दी गई है। सीबीआई कोर्ट ने लालू प्रयाद को 5 साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही 60 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
सीबीआई की विशेष कोर्ट के जज एस के शशि ने 15 फरवरी को लालू समेत 38 दोषियों को दोषी करार देते हुए सजा पर सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख तय की थी।

सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471 के साथ षड्यंत्र से जुड़ी धारा 120बी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2)के तहत दोषी करार दिया है. इस मामले में सीबीआई ने कुल 170 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
वहीं, 148 आरोपियों के खिलाफ 26 सितंबर 2005 में आरोप तय किए गए थे। चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में 14 साल तक की सजा पा चुके लालू प्रसाद यादव समेत 99 लोगों के खिलाफ अदालत ने सभी पक्षकारों की बहस सुनने के बाद 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामले की पूरी खबर तह तक, क्या हुआ सजा से पहले
चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले आरसी-47 ए/96 में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिये लालू सहित 38 आरोपितों की सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके शशि अभियुक्तों की सजा पर फैसला किया।
न्यायाधीश एसके शशि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार तथा रिम्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ें। सुनवाई के लिए सोमवार को दिन के 12 बजे का समय निर्धारित किया गया था। इसको लेकर अदालत ने जेल प्रशासन को पत्र भेज दिया था। उल्लेखनीय है कि डोरंडा कोषागार से 139. 35 करोड़ की अवैध निकासी हुई थी।
इस संबंध में जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, 38 में से दो अभियुक्त लालू प्रसाद तथा डॉ. कृष्ण मोहन प्रसाद रिम्स में भर्ती हैं। वहीं, 36 अभियुक्त बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में हैं।
लालू प्रसाद तथा डॉ. कृष्ण मोहन प्रसाद के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था रिम्स से की गई। जबकि 36 अभियुक्तों की पेशी होटवार जेल से हुई। मालूम हो कि 15 फरवरी को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसके शशि की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया था।
इस मामले में राजनीतिज्ञ, ब्यूरोक्रेट, डोरंडा कोषागार पदाधिकारी, पूर्व पशुपालन पदाधिकारी तथा आपूर्तिकर्ता सहित 99 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे। 99 में से 24 को अदालत ने 15 फरवरी को रिहा कर दिया था। जबकि, 75 को दोषी करार दिया था।
इनमें से 35 अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा सुनायी गयी थी। जबकि, दो फरार अभियुक्तों के लिए अदालत ने वारंट निर्गत किया था। शेष 38 अभियुक्तों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अदालत ने 21 फरवरी की तिथि निर्धारित की थी।
इनकी सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, पूर्व विधायक डॉ आरके राणा, पूर्व आइएएस बेक जूलियस, कॉमर्शियल टैक्सेस पटना के पूर्व सहायक आयुक्त देवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव सहित 38 अभियुक्तों की सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई।




