



परीक्षा के नाम पर चल रहे ‘खेल’ पर जब प्रशासन की नजर तिरछी हुई, तो कई जिम्मेदारों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। Bokaro News: जिले में चल रही मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बोकारो उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजुमदार ने नावाडीह स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय कंजकिरो परीक्षा केंद्र पर औचक दस्तक दी, जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया।

अधिकारियों का काफिला जैसे ही केंद्र पर पहुंचा, वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डीसी और डीडीसी ने सीधे परीक्षा कक्षों का रुख किया और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेना शुरू कर दिया। उन्होंने वीक्षण व्यवस्था, सीसीटीवी की निगरानी, और केंद्र पर तैनात दंडाधिकारियों की कार्यशैली की गहन समीक्षा की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान कई ऐसी खामियां उजागर हुईं, जिन्हें देखकर उपायुक्त का पारा चढ़ गया।
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निरीक्षण के दौरान कमरा संख्या 05 और 07 में वीक्षण व्यवस्था बेहद लचर पाई गई। यहां तैनात वीक्षक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह दिखे, जिस पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से संबंधित वीक्षक काशी महतो, भीमलाल प्रजापति, सुरेंद्र कुमार महतो और बुटेश्वर तुरी को परीक्षा ड्यूटी से हटाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही इन सभी से इस घोर लापरवाही के लिए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मामला यहीं नहीं रुका। जब अधिकारियों को पता चला कि केंद्राधीक्षक शरीफ द्वारा तीन कमरों में सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगाए गए हैं, तो उपायुक्त ने इसे एक गंभीर चूक माना। उन्होंने इस लापरवाही को लेकर केंद्राधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई और उनसे भी स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश जारी किया। इस औचक निरीक्षण से यह साफ हो गया कि चल रही मैट्रिक-इंटर परीक्षा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कदाचार मुक्त परीक्षा पहली प्राथमिकता: उपायुक्त
उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “परीक्षार्थियों को एक अनुशासित, सुरक्षित और कदाचारमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने पहले भी निर्देश दिए थे, लेकिन यहां उनका पालन नहीं किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसी भी स्तर पर यदि शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने कहा कि परीक्षा की पवित्रता से कोई समझौता नहीं हो सकता।
वहीं, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजुमदार ने भी केंद्र पर आयोजित हो रहे विषयों की जानकारी ली और छात्रों की उपस्थिति व अनुपस्थिति का विवरण जांचा। उन्होंने भी परीक्षा संचालन को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों में भी हड़कंप की स्थिति है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।




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