



Rural Drinking Water: पानी की बूंदें जीवन का आधार होती हैं, लेकिन जब ये ही बूंदें दुर्लभ हो जाएं या अशुद्ध मिलें, तो जीवन पर संकट गहरा जाता है। झारखंड के बोकारो में इसी संकट से निपटने और ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाने की मुहिम तेज हो गई है।
बोकारो में Rural Drinking Water: पंचायतों में जल सेवा आकलन से बदल रही है ग्रामीण पेयजल की तस्वीर
Rural Drinking Water: बोकारो में पंचायतों में जल सेवा आकलन ने पकड़ी रफ़्तार
बोकारो के ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और उसकी वास्तविक स्थिति को परखने के लिए इन दिनों जल सेवा आकलन कार्यक्रम जोर-शोर से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी पहल के दूसरे सप्ताह में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी)
के सदस्यों के साथ विशेष बैठकों और व्यापक समूह चर्चाओं का आयोजन किया गया। इन महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता संबंधित पंचायतों के मुखिया ने की, जहां पेयजल आपूर्ति से जुड़े हर पहलू पर गहन विचार-विमर्श हुआ।चर्चा का मुख्य केंद्र यह रहा कि जलापूर्ति योजनाएं किस तरह संचालित हो रही हैं, ग्रामीणों को पानी किस समय मिल रहा है, और सबसे महत्वपूर्ण, क्या उन्हें नियमित और सुरक्षित पेयजल मिल रहा है या नहीं। समिति के सदस्यों ने न केवल अपने अनुभव साझा किए बल्कि व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अमूल्य सुझाव भी दिए। यहां बात सिर्फ उपलब्धता की नहीं, बल्कि पेयजल गुणवत्ता की भी थी, जिस पर विशेष ध्यान दिया गया।इस चरण में, तेनुघाट प्रमंडल की तीन प्रमुख पंचायतों में समूह चर्चा आयोजित की गई। इनमें पेटरवार प्रखंड की तेनुघाट पंचायत, गोमिया प्रखंड की कथारा पंचायत और नावाडीह प्रखंड की चिरूडीह पंचायत शामिल थीं। इन चर्चाओं में वीडब्ल्यूएससी सदस्यों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और जलापूर्ति से संबंधित समस्याओं, चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इसी कड़ी में, चास प्रखंड की हैसाबातू और कुछ अन्य पंचायतों में भी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की समूह चर्चाओं का सफल आयोजन किया गया। इन आयोजनों का उद्देश्य जल सेवा आकलन के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से विचार करना और भविष्य में ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस योजनाएं तैयार करना था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करने, समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और हर घर तक सुरक्षित व पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम है। इसका लक्ष्य है कि कोई भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरसे नहीं, और न ही अशुद्ध जल पीने को मजबूर हो। यह पहल जल सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इन सामूहिक प्रयासों के माध्यम से न केवल मौजूदा चुनौतियों की पहचान हो रही है, बल्कि स्थायी समाधानों की नींव भी रखी जा रही है। विशेषकर पेयजल गुणवत्ता बनाए रखने और जल स्रोतों के संरक्षण पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। यह परियोजना झारखंड के ग्रामीण विकास में एक नया अध्याय लिख रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



