



Education Loan: कहते हैं कि जहां चाह होती है, वहां राह भी निकल ही आती है। बोकारो समाहरणालय में आज कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब एक छात्र की आंखों में तैरते आंसुओं ने प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया और कुछ ही घंटों में उसकी सबसे बड़ी मुश्किल हल हो गई। एक छात्र की उम्मीदों को जब बैंक से निराशा मिली, तो वह अपनी फरियाद लेकर सीधे जिले के सबसे बड़े अधिकारी के पास पहुंच गया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
जब सिबिल स्कोर बने Education Loan में बाधा
बोकारो के जैनामोड़ निवासी सोजल कुमार के लिए आज का दिन उम्मीदों की नई सुबह लेकर आया। बीटेक (सीएसई) प्रथम वर्ष के छात्र सोजल जब अपनी उच्च शिक्षा के लिए पैसों का इंतजाम नहीं कर पाए, तो उनकी दुनिया ही उजड़ती हुई नज़र आने लगी। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे पढ़ाई का खर्च उठा सकें। कई बैंकों के चक्कर काटने के बाद भी जब ऋण नहीं मिला, तो हताश होकर वे समाहरणालय में उपायुक्त अजय नाथ झा के पास अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे।
सोजल ने उपायुक्त को बताया कि कैसे सिबिल स्कोर कमजोर होने का हवाला देकर कई बैंकों ने उनका आवेदन अस्वीकृत कर दिया था। इस वजह से उनका Student Loan का सपना टूटता दिख रहा था। उनकी पढ़ाई रुकने की कगार पर थी। यह बताते-बताते उनकी आंखें भर आईं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
समाहरणालय में तैनात होमगार्ड श्रीमती रोमा कुमारी की नज़र जब रोते हुए छात्र पर पड़ी, तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए न केवल उसे सांत्वना दी, बल्कि फौरन यह मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया। उपायुक्त अजय नाथ झा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिकारियों से बात की। उनके निर्देश के बाद, जो काम महीनों से नहीं हो रहा था, वह कुछ ही घंटों में हो गया। बैंक ने छात्र के आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए 7.5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासन की संवेदनशीलता ने बचाई छात्र की पढ़ाई
ऋण स्वीकृत होने की खबर मिलते ही सोजल और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने जिला प्रशासन और बैंक प्रबंधन का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। इस मौके पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की शिक्षा पैसों की कमी के कारण नहीं रुकनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उपायुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे शिक्षा ऋण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और सक्रियता दिखाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे Student Loan आवेदनों पर प्रोएक्टिव होकर विचार किया जाना चाहिए, ताकि देश के युवाओं के सपनों को पंख लग सकें। उन्होंने होमगार्ड रोमा कुमारी की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की भी जमकर सराहना की। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर कितना सजग और प्रतिबद्ध है।


