

Bokaro News: चुनावी शोर का मीटर अब डाउन हो चुका है और लोकतंत्र के महापर्व का असली इम्तिहान शुरू होने वाला है। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद बोकारो जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले से सभी प्रकार के चुनाव प्रचार-प्रसार पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।
इसी कड़ी में चास और फुसरो के शहरी क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इस आदेश के बाद अब कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार किसी भी प्रकार की रैली, जनसभा या लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं कर पाएगा। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bokaro News: प्रशासन का सख्त रुख, निष्पक्ष मतदान पहली प्राथमिकता
चास अनुमंडल दंडाधिकारी, प्रांजल ढांडा ने चास नगर निगम क्षेत्र में धारा 163 लागू करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी प्रचारक जो संबंधित क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें तत्काल इलाका छोड़ना होगा। इसी तरह का आदेश बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ द्वारा नगर परिषद फुसरो क्षेत्र के लिए भी जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस अवधि में किसी भी प्रकार की चुनावी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह आगामी नगर निगम चुनाव की निष्पक्षता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से इन आदेशों का सख्ती से पालन करने और एक शांतिपूर्ण चुनावी माहौल बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और भी कड़ा कर दिया गया है, खासकर संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
क्या-क्या रहेंगे प्रमुख प्रतिबंध?
जारी निषेधाज्ञा के अनुसार, मतदान समाप्त होने तक निम्नलिखित निर्देश प्रभावी रहेंगे:
- वैसे सभी बाहरी प्रचारक जो प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे और जो निगम या परिषद क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता नहीं हैं, उन्हें तत्काल क्षेत्र से बाहर जाना होगा।
- सभी प्रकार के चुनावी प्रचार, जनसभाओं, रैलियों और नुक्कड़ सभाओं पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
- निर्धारित 48 घंटे की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित होगा।
- यह आदेश मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व से लेकर मतदान प्रक्रिया के अंत तक सख्ती से लागू रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




