back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 18, 2026
spot_img

Pradhan Mantri TB Mukt Bharat Abhiyan: बोकारो में टीबी मरीजों को मिली नई संजीवनी, 56 पोषण बास्केट बांटकर दिया ‘संपूर्ण इलाज’ का संदेश

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Pradhan Mantri TB Mukt Bharat Abhiyan: जब जंग किसी अदृश्य दुश्मन से हो, तो हथियार भी अचूक होने चाहिए। टीबी के खिलाफ देश की लड़ाई में दवा के साथ-साथ पोषण का हथियार भी उतना ही कारगर है, और इसी सोच को बोकारो में साकार किया गया। शनिवार को बालीडीह में डालमिया भारत फाउंडेशन की पहल पर 56 टीबी मरीजों के चेहरों पर तब उम्मीद की एक नई किरण जगी, जब उन्हें पोषण खाद्य बास्केट सौंपे गए।

- Advertisement -

यह कार्यक्रम भारत सरकार की उस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2025 तक देश से तपेदिक (टीबी) को जड़ से खत्म करना है। इस अभियान के तहत न केवल मरीजों की पहचान कर उनका नि:शुल्क इलाज किया जाता है, बल्कि उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए पोषण संबंधी सहायता भी दी जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी कड़ी में डालमिया भारत फाउंडेशन ने कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत बोकारो में 56 मरीजों को पोषण किट वितरित किए।

- Advertisement -

Pradhan Mantri TB Mukt Bharat Abhiyan के तहत बोकारो में पोषण किट का वितरण

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने में दवा के साथ-साथ पोषण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। एक पौष्टिक और संतुलित आहार ही शरीर को दवा के साथ मिलकर बीमारी को पूरी तरह से हराने की ताकत देता है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल में कॉरपोरेट संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सराहनीय है। डालमिया भारत फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए ये पोषण बास्केट मरीजों के स्वास्थ्य सुधार में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होंगे।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bokaro Chas Municipal Election की बजी रणभेरी, मतदान कर्मियों को मिला जीत का 'गुरुमंत्र', जानें क्या हैं खास निर्देश

उन्होंने टीबी मरीजों से अपील की कि वे इलाज को कभी भी बीच में न छोड़ें और समय पर अपनी दवाएं लेते रहें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सभी सुविधाओं का लाभ उठाना उनका अधिकार है। साथ ही, उन्होंने आम लोगों से भी टीबी के प्रति जागरूक होने और इस बीमारी को समाज से खत्म करने में सहयोग करने का आग्रह किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

दवा के साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी: सिविल सर्जन

इस मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने मरीजों और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी तरह के भ्रम या झिझक में न पड़ें। टीबी अब एक लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते मरीज समय पर जांच कराएं और उपचार का पूरा कोर्स निर्धारित अवधि तक लें। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को नि:शुल्क जांच, दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने सरकार की ‘निक्षय पोषण योजना’ का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसके तहत इलाज के दौरान मरीजों को पोषण के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है, ताकि वे बेहतर ढंग से स्वस्थ हो सकें। उन्होंने कहा कि डालमिया भारत फाउंडेशन जैसे संस्थानों की सहभागिता से मरीजों को जो अतिरिक्त सहयोग मिल रहा है, उससे टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मी, डालमिया भारत फाउंडेशन के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

आज का राशिफल: बुधवार, 18 फरवरी 2026, आपके जीवन में क्या बदलाव लाएगा?

Aaj Ka Rashifal: आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत यह प्रभात बेला आपको ग्रहों के गूढ़...

आज का पंचांग: 18 फरवरी 2026 – दैनिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन

Aaj Ka Panchang: सनातन धर्म में प्रत्येक दिवस का अपना विशेष महत्व होता है,...

आज का पंचांग 18 फरवरी 2026: शुभ-अशुभ मुहूर्त और गणेश पूजा विधि

Aaj Ka Panchang: वैदिक ज्योतिष और सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है।...

फ्लिपकार्ट पर 65-इंच स्मार्ट टीवी डील्स: घर लाएं सिनेमाई अनुभव, बंपर बचत के साथ!

Smart TV: भारत में प्रीमियम एंटरटेनमेंट का अनुभव अब और भी सस्ता हो गया...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें