Road Safety Campaign: सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों के स्टेयरिंग पर बैठी आंखें अगर धुंधली हों तो सफर का अंजाम खतरनाक हो सकता है। इसी हकीकत को समझते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है, जिसने कई वाहन चालकों की दुनिया को और भी साफ कर दिया है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अवसर पर, जिला परिवहन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार चौधरी के कुशल नेतृत्व में शनिवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर वाहन चालकों के लिए एक विशेष निःशुल्क नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।
Road Safety Campaign के तहत चालकों के स्वास्थ्य पर फोकस
यह महत्वपूर्ण शिविर मुख्य रूप से साहिबगंज के गांधी चौक, सदर अस्पताल परिसर और साहिबगंज बस स्टैंड जैसे प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया गया, ताकि अधिक से अधिक वाहन चालक इसका लाभ उठा सकें। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में कमी लाना और एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था का निर्माण करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा नियम का पालन जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक वाहन चलाने वाले का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी है।
शिविर में पहुंचे ड्राइवरों के स्वास्थ्य की व्यापक जांच की गई। इसमें विजन टेस्ट (दृष्टि जांच), कलर एक्यूरेसी टेस्ट (रंग पहचानने की क्षमता), और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण शामिल था। इस जांच का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी चालक दृष्टि संबंधी किसी समस्या के साथ वाहन न चलाए, क्योंकि यह न केवल उनके लिए बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
अक्सर देखा जाता है कि कई ड्राइवर अपनी आंखों की जांच नियमित रूप से नहीं करवाते, जिससे धीरे-धीरे उनकी दृष्टि कमजोर हो जाती है और उन्हें इसका पता भी नहीं चलता। ऐसी स्थिति में रात के समय या खराब मौसम में ड्राइविंग करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। जांच के बाद, जिन चालकों की दृष्टि में कमी पाई गई, उन्हें आयोजकों की ओर से निःशुल्क चश्मे और अन्य आवश्यक दवाइयां भी प्रदान की गईं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है कि चालकों की दृष्टि स्वस्थ और मजबूत रहे, जिससे दृष्टि-बाधा के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
जागरूकता फैलाने पर भी दिया गया जोर
सिर्फ स्वास्थ्य जांच ही नहीं, इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का भी भरपूर प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित हैंडबिल, बुकलेट और पंपलेट का वितरण किया गया। इसका उद्देश्य आम लोगों तक सड़क सुरक्षा के महत्व को पहुंचाना और उन्हें यातायात नियमों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस सफल कार्यक्रम के आयोजन में एमबीआई अभिषेक मुंडा एवं कुमार उत्कर्ष, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक नीरज कुमार साह, रोड इंजीनियर एनालिस्ट अनुज पाराशर, आईटी सहायक राजहंस, सदर अस्पताल के नेत्र परीक्षण कर्मी ललिता मुर्मू और संतोष कुमार, डॉ. राजकुमार के साथ-साथ बरहेट, बोरियो एवं राजमहल के स्वास्थ्यकर्मी, संबंधित थाना प्रभारी एवं अन्य पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





