

Section 144: चुनावी शोर का मीटर अब डाउन हो चुका है और प्रशासन का डंडा पूरी तरह से चार्ज हो गया है। बोकारो के चास और फुसरो में नगर पालिका चुनाव को लेकर प्रशासन ने ऐसा चाबुक चलाया है कि अब 48 घंटे तक कोई भी सियासी परिंदा पर नहीं मार पाएगा।
झारखण्ड राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए, बोकारो जिला प्रशासन ने आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले से सभी प्रकार के चुनाव प्रचार-प्रसार पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है, ताकि मतदाता बिना किसी बाहरी प्रभाव के अपने विवेक से वोट डाल सकें।
चास-फुसरो में क्यों लागू हुआ Section 144
प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण अवधि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में, चास के अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत चास नगर निगम क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ठीक इसी तरह, बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ द्वारा भी नगर परिषद फुसरो क्षेत्र में धारा 163 को प्रभावी कर दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी दबाव या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इन आदेशों के तहत, उन सभी बाहरी प्रचारकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तत्काल क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया गया है जो संबंधित नगर निगम या परिषद क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता नहीं हैं।
प्रशासन ने जारी किए ये कड़े दिशा-निर्देश
जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा के दौरान प्रभावी रहने वाले नियमों की एक स्पष्ट सूची जारी की है, ताकि किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति न रहे। सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से इन नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
- ऐसे सभी प्रचारक जो किसी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे और जो निगम/परिषद क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें तत्काल क्षेत्र से बाहर जाना होगा।
- मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक सभी प्रकार की चुनावी सभाओं, रैलियों और जुलूसों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित होगा।
यह निषेधाज्ञा मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व से लेकर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी है और सभी संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी शांतिपूर्ण मतदान में सहयोग करने की अपील की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




