



संजीवनी बिल्डकॉन भूमि घोटाला में आरोपी रांची के तत्कालीन सीओ ओम प्रकाश यादव और कृष्ण कुमार की क्रिमिनल रिवीजन पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। 25 जुलाई को सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
तत्कालीन सीओ ओम प्रकाश यादव और कृष्ण कुमार कखिलाफ संजीवनी बिल्डकॉन को फायदा पहुंचाने के आरोप में सीबीआई प्राथमिकी दर्ज की थी। जिन्हें रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। दोनों अधिकारियों की याचिका पर न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की कोर्ट में सुनवाई हुई।
जानकारी के अनुसार, झारखंड हाई कोर्ट ने संजीवनी बिल्डकॉन फर्जीवाड़ा मामले में रांची के नगड़ी अंचल के तत्कालीन दो सर्किल ऑफिसर (सीओ) ओम प्रकाश यादव एवं कृष्ण कुमार की अलग-अलग दायर तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की कोर्ट ने मामले में गुरुवार को अपना फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने पूर्व में सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन दोनों तत्कालीन सर्किल ऑफिसर पर आरोप था कि इन्होंने अपने सीईओ पद का दुरुपयोग करते हुए रकबा से ज्यादा जमीन का म्यूटेशन किया। साथ ही संजीवनी बिल्डकॉन को फायदा पहुंचाया। सीबीआई ने इनके खिलाफ एक ही मामले में तीन- तीन प्राथमिकी दर्ज की थीं।
इन दोनों तत्कालीन सीओ की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज तीनों केस को निरस्त करने का आग्रह किया गया था। कृष्ण कुमार और ओम प्रकाश यादव के तीन-तीन केस पर बहस हुई थी।
सीबीआई की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार ने पैरवी की थी। कृष्ण कुमार की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र कृष्ण, कृष्ण कुमार एवं जयशंकर तिवारी ने पैरवी की थी।




