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Rajkot Gaming Zone Fire Incident | 28 लोगों के लाशों की अनबुझ कहानी…गिनों लाशें, पहचानों लाशें…लाशों का मंजर…लाशों की तबाही

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देशज टाइम्स | Highlights -

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Rajkot Gaming Zone Fire Incident | 28 लोगों के लाशों की अनबुझ कहानी… गिनों लाशें, पहचानों लाशें…लाशों का मंजर…लाशों की तबाही…जहां, राजकोट कालावड रोड पर टीआरपी गेम जोन में लगी (28 dead so far in Gujarat gaming zone) आग की घटना। गुजरात के गेमिंग जोन में भीषण आग लगने से 28 लोगों की जान चली गई।  अभी कई लापता हैं, जिनकी खोजबीन जारी है। कुछ लापता लोगों की सूची जारी की गई है। मलबा से मिले शवों की हालत इतनी खराब है कि उनकी शिनाख्त भी किया जाना मुश्किल हो रहा है।

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Rajkot Gaming Zone Fire Incident| सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल

राजकोट में हुए इस हादसे ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक गेमिंग जोन बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के चल रहा था। यही नहीं इसे सिर्फ एक एंट्री-एग्जिट गेट के जरिए संचालित किया जा रहा था। हालांकि अब पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है। घटना की जांच के लिए गुजरात सरकार ने पांच सदस्यीय एसआईटी बनाई है, जिसे 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

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Rajkot Gaming Zone Fire Incident| प्रशासन ने परिजनों के डीएनए टेस्ट शुरू किया है

प्रशासन ने परिजनों के डीएनए टेस्ट शुरू किया है, जिससे उन्हें शवों को सौंपा जा सके। कोरोना के समय राजकोट सिविल हॉस्पिटल में जिस जगह कोविड वार्ड था, उसी जगह पर डीएनए सैम्पल लिए जा रहे हैं। रविवार सुबह 4.30 बजे एयर एम्बुलेंस के जरिए 25 डीएनए गांधीनगर भेजा गया। अब 48 घंटे के बाद रिपोर्ट आएगी।

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Rajkot Gaming Zone Fire Incident| मरने वालों की संख्या तीस बताई जा रही है।

इस हादसे में नौ बच्चों समेत 28 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मरने वालों की संख्या तीस बताई जा रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्यों ने कहा कि शव इतने जल गए हैं कि पहचान करना मुश्किल है। पहचान के लिए पीड़ितों और उनके रिश्तेदारों के डीएनए नमूने एकत्र किए गए हैं। एसआईटी के प्रमुख अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी ने घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’ बताया। कहा कि जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए तुरंत जांच शुरू की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।

Rajkot Gaming Zone Fire Incident| गुजरात हाई कोर्ट ने राजकोट के टीआरपी गेम जोन अग्निकांड पर स्वत:संज्ञान लेते

गुजरात हाई कोर्ट ने राजकोट के टीआरपी गेम जोन अग्निकांड पर स्वत:संज्ञान लेते हुए इस पर सख्त टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने इस दुर्घटना को मानव निर्मित आपदा बताते हुए कहा कि आयोजकों की लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान गई है। पीठ ने राजकोट के साथ-साथ वडोदरा, सूरत एवं अहमदाबाद नगर निगम और राज्य सरकार को भी नोटिस जारी करते हुए सोमवार की सुनवाई में हाजिर होने को कहा है।

Rajkot Gaming Zone Fire Incident| कोर्ट ने नगर निगम को सोमवार तक जानकारी मुहैया कराने का आदेश दिया है।

जस्टिस बीरेन वैष्णव और देवेन देसाई की पीठ ने रविवार को राजकोट नगर निगम से पूछा कि कानून के किस प्रावधान के तहत उन्होंने इस गेमिंग जोन को संचालित करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने नगर निगम को सोमवार तक जानकारी मुहैया कराने का आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि गेमिंग जोन के निर्माण और संचालन के लिए उचित नियमों का पालन नहीं किया गया। इसी के साथ कोर्ट ने अहमदाबाद के सिंधुभवन रोड, सरदार पटेल रिंग रोड और एसजी हाई-वे पर बने गेमिंग जोन को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया।

Rajkot Gaming Zone Fire Incident| लोग इतने गंभीर रूप से जले हैं कि उन्हें पहचान पाना भी मुश्किल है।

हाई कोर्ट के एडवोकेट एसोसिएशन के प्रमुख ब्रिजेश त्रिवेदी और एडवोकेट अमित पंचाल की ओर से पीठ को बताया गया कि दुर्घटना में करीब 30 लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़ा भी बढ़ने की आशंका है। लोग इतने गंभीर रूप से जले हैं कि उन्हें पहचान पाना भी मुश्किल है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने फायर सेफ्टी के मुद्दे पर अलग-अलग आवेदनों पर निर्देश दिए है, इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। टीआरपी गेम जोन के पास कोई फायर सेफ्टी एनओसी नहीं थी। अथारिटी ने भी लापरवाही दिखाई है।

Rajkot Gaming Zone Fire Incident| रेजिडेंसियल प्लॉट पर गेम जोन बनाया गया। फायर सेफ्टी नहीं थी।

हाई कोर्ट ने कहा कि रेजिडेंसियल प्लॉट पर गेम जोन बनाया गया। फायर सेफ्टी नहीं थी। वेल्डिंग और मरम्मत का काम चालू होने पर भी लोगों को गेम जोन में प्रवेश दिया गया। टीआरपी गेम जोन में अतिज्वलनशील पदार्थ रखे गए थे। इमरजेंसी गेट बंद था। अग्निशमन यंत्र भी पैक कर रखे हुए थे। हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के प्रमुख ब्रिजेश त्रिवेदी ने सिटिंग जज से मामले की जांच की मांग की।

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Rajkot Gaming Zone Fire Incident| जूनागढ़ से भी कई लोग अपने स्वजनों की तलाश में राजकोट पहुंच रहे हैं।

जूनागढ़ से भी कई लोग अपने स्वजनों की तलाश में राजकोट पहुंच रहे हैं। एम्स राजकोट में 16 शव कोल्ड स्टोरेज में रखे गए हैं, वहीं 11 शवों को राजकोट सिविल हॉस्पिटल के कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। आग की घटना के बाद सबसे बड़ी समस्या रेस्क्यू की थी। बुलडोजर से रास्ता साफ करने का प्रयत्न किया गया, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली तो पूरा शेड ध्वस्त करने का निर्णय किया गया। इसके लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के 5 बुलडोजर काम पर लगाए गए। शेड तोड़ने का काम सुबह तक चला।

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Rajkot Gaming Zone Fire Incident| सीढ़ी की वेल्डिंग के दौरान उठी चिंगारी से भभकी आग

टीआरपी गेम जोन में आग लगने की घटना के कई कारण बताए जा रहे हैं। फायर अधिकारियों का मानना है कि सीढ़ी की वेल्डिंग के दौरान उठी चिंगारी से ब्लास्ट और इसके बाद आग भड़ग गई। आग इतनी विकराल थी कि एक मिनट के अंदर ही तीसरी मंजिल तक पहुंच गई।

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Rajkot Gaming Zone Fire Incident| बच्चों के कार के लिए 2500 लीटर डीजल रखा गया था।

गेमिंग जोन में रबर-रेक्जिन की फ्लोरिंग थी। इसके अलावा बच्चों के कार के लिए 2500 लीटर डीजल रखा गया था। कार जोन के चारों ओर हजार से अधिक टायरों को कलर कर रखा गया था। लोहे और टीन के स्ट्रक्चर में थर्मोकोल की शीट से पार्टीशन के कारण आग महज कुछ ही सेकेंड में तेजी से फैल गई। बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। तीसरी मंजिल से लोग बचाओ बचाओ चिल्लाने लगे, लेकिन अंदर जाकर रेस्क्यू करना संभव नहीं था।

Rajkot Gaming Zone Fire Incident| युवराज सिंह समेत 11 लोग गिरफ्तार

घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। राजकोट टीआरपी गेम जोन के मालिकों में से एक युवराज सिंह सोलंकी को राजकोट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अन्य मालिकों का उनके घरों पर तलाश की जा रही है। राहुल राठौड़ नाम के भागीदार की देखरेख में वेल्डिंग का काम चल रहा था, जिसकी चिंगारी से पूरा गेमजोन खाक हो गया। राहुल मूल गोंडल का बताया जा रहा है।

Rajkot Gaming Zone Fire Incident| एक अन्य भागीदार राहुल राठौड़ इंजीनियर है, जो

जानकारी के अनुसार युवराज सिंह टीआरपी गेमजोन का मालिक है। कारोबार में वह 15 फीसदी का भागीदार है। जबकि मुख्य मालिक प्रकाश जैन बताया गया है, जो कि राजस्थान का निवासी है। एक अन्य भागीदार राहुल राठौड़ इंजीनियर है, जो कि मेंटिनेंस का काम संभालता था। प्रकाश और राहुल अभी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। योगेश पाठक और नीतिन जैन गेम जोन में प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे। वहीं जिस जमीन पर गेम जोन चल रहा था, उसका मालिक गिरीराज सिंह जाडेजा है।

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