Kerala Politics: केरल की राजनीतिक बिसात पर बिछी नई चाल, जहां सत्ता के पुराने मोहरे अब चुनौती बनते दिख रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को केरल में स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी।
Kerala Politics: अमित शाह का केरल मिशन, ‘LDF-UDF भ्रष्टाचार में लिप्त, बीजेपी लाएगी अपना CM’
Kerala Politics: केरल में भाजपा का लक्ष्य ‘अपनी सरकार और अपना मुख्यमंत्री’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल में स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा की यात्रा चुनौतीपूर्ण रही है, किंतु कार्यकर्ताओं के समर्पण से पार्टी ने अपनी एक सशक्त पहचान बनाई है। शाह ने जोर देकर कहा कि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य चुनाव जीतना नहीं, बल्कि केरल में अपनी सरकार स्थापित करना और स्वयं का मुख्यमंत्री बनाना है।
शाह ने केरल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ‘गुप्त समझौते’ के कारण गतिरोध का सामना कर रहा है। गृह मंत्री ने दावा किया कि इन दोनों गठबंधनों ने बारी-बारी से सत्ता में आकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का अदृश्य समझौता कर लिया है। उनके मुताबिक, केरल का भविष्य इन दलों के हाथों सुरक्षित नहीं है, क्योंकि वे राज्य की समृद्ध परंपराओं और विकास की गति को बनाए रखने में असफल रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। खासकर आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, इन दलों पर जनता का भरोसा कम हुआ है।
भाजपा की बढ़ती ताकत और केरल का राजनीतिक भविष्य
गृह मंत्री ने पार्टी की लगातार बढ़ती ताकत को आंकड़ों के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2014 में भाजपा का वोट शेयर 11% था, जो 2019 में बढ़कर 16% और 2024 के चुनावों में 20% से अधिक हो गया है। शाह ने कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाते हुए कहा कि जिस प्रकार भाजपा ने केवल दो सीटों से शुरुआत कर केंद्र में तीसरी बार सरकार बनाई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, और असम जैसे राज्यों में सत्ता हासिल की है, वैसा ही इतिहास केरल के आगामी विधानसभा चुनाव में भी रचा जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि ये दल वोट बैंक की राजनीति के चलते पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से कतराते हैं। उन्होंने दावा किया कि केवल भाजपा ही केरल को ऐसी राष्ट्रविरोधी शक्तियों से सुरक्षित रख सकती है। गृह मंत्री ने तीन तलाक कानून का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने तुष्टीकरण की नीति के तहत इसका विरोध किया, जबकि भाजपा ‘सबके लिए न्याय, किसी का तुष्टीकरण नहीं’ के अटल सिद्धांत पर कार्य करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



