

Anil Ambani ED: कहते हैं दौलत की चमक अक्सर जांच की निगाहों को अपनी ओर खींच लेती है, और जब ये चमक हजारों करोड़ की हो तो सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा ही कुछ रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी के साथ हुआ है, जिनकी मुंबई स्थित आलीशान हवेली ‘अबोड’ अब प्रवर्तन निदेशालय के शिकंजे में आ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान आवास ‘अबोड’ पर अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है, जिसकी कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये आंकी गई है। पाली हिल के पॉश इलाके में स्थित, 66 मीटर ऊँचा और 17 मंजिला यह आलीशान टावर अब अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) में कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब्त की गई संपत्तियों की बढ़ती सूची में शामिल हो गया है।
अनिल अंबानी ED: रिलायंस कम्युनिकेशंस धोखाधड़ी और जांच का बढ़ता दायरा
आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार (25 फरवरी) को हुई इस कार्रवाई की पुष्टि की, जिससे इस मामले में कुल कुर्क की गई संपत्तियों की संख्या लगभग 15,700 करोड़ रुपये हो गई है। मुंबई के सबसे आलीशान इलाकों में से एक में स्थित ‘अबोड’ इमारत विलासिता का प्रतीक है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी अभियान के चलते इसे फिलहाल जब्त कर लिया गया है। एजेंसी का आरोप है कि यह संपत्ति आरकॉम के धोखाधड़ी वाले बैंकिंग लेन-देन से प्राप्त धन से जुड़ी है, जो दूरसंचार कंपनी में वित्तीय अनियमितताओं की जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
66 वर्षीय अनिल अंबानी से अगस्त 2025 में पीएमएलए के तहत उनकी पहली पेशी और बयान दर्ज होने के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जल्द ही दूसरी बार पूछताछ की जाएगी। अनिल अंबानी ED मामले में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब संघीय एजेंसी अपनी जांच को और गहरा कर रही है, और संपत्ति की कुर्की आरकॉम घोटाले से धन की हेराफेरी के प्रयासों को तेज करने का संकेत देती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ईडी के विशेष कार्य बल ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अनिल अंबानी के आलीशान पाली हिल स्थित आवास ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है, जिसकी कीमत ₹3,716.83 करोड़ है। इससे पहले इसी संपत्ति पर ₹473.17 करोड़ की आंशिक कुर्की की गई थी, जिससे रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) बैंक धोखाधड़ी जांच में सामूहिक रूप से जब्त की गई संपत्तियों की कुल संख्या ₹15,700 करोड़ से अधिक हो गई है। यह मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जांच का बढ़ता दायरा और वित्तीय अनियमितताओं पर शिकंजा
यह कार्रवाई दर्शाती है कि नियामक एजेंसियां बड़े कॉरपोरेट घरानों की वित्तीय गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं। ‘अबोड’ जैसी प्रतिष्ठित संपत्ति की कुर्की से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि धोखाधड़ी या अनियमितताओं से अर्जित संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरकॉम में कथित वित्तीय धांधलियों को लेकर चल रही जांच अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। और आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। ईडी की यह कार्रवाई वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


