



Agricultural Engineering College: तकनीक के तरकश से निकलेगा खेती का तीर, आरा की धरती पर उतर रहा ज्ञान का नया सवेरा। बिहार के आरा में कृषि और प्रौद्योगिकी के संगम से एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है, जहाँ 16.92 एकड़ की विशाल भूमि पर एक अत्याधुनिक कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय आकार ले रहा है। भवन निर्माण विभाग की देखरेख में चल रहा यह प्रोजेक्ट, राज्य में कृषि शिक्षा के भविष्य को एक नई दिशा देने का वादा करता है।
यह महाविद्यालय सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि भविष्य के कृषि विशेषज्ञों को तैयार करने का एक आधुनिक केंद्र होगा। इसका निर्माण कार्य पूरी रफ़्तार से प्रगति पर है, जिसका उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का दावा है कि निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि यह संस्थान जल्द से जल्द छात्रों के लिए तैयार हो सके।
Agricultural Engineering College में मिलेंगी ये विश्वस्तरीय सुविधाएं
इस परिसर को छात्रों की हर जरूरत को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहाँ सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल अनुभव पर भी जोर दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को बेहतरीन कृषि शिक्षा का माहौल प्रदान करना है। परिसर में निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- स्मार्ट क्लासरूम और उन्नत लैब: छात्रों को आधुनिक तकनीक से पढ़ाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम और उच्च स्तरीय प्रयोगशालाएं बनाई जा रही हैं।
- आवासीय सुविधा: छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल का निर्माण हो रहा है। लड़कियों के लिए तीन मंजिला और लड़कों के लिए चार मंजिला हॉस्टल तैयार किया जा रहा है।
- पर्यावरण-अनुकूल परिसर: पूरे परिसर को सोलर पैनल और सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा, ताकि ऊर्जा की बचत हो सके।
- सुरक्षा और अन्य सुविधाएं: सीसीटीवी कैमरे, एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस और स्ट्रीट लाइट की भी समुचित व्यवस्था रहेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
निर्माण कार्य की क्या है ताज़ा स्थिति?
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि के अनुसार, निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। छात्राओं के हॉस्टल में तीसरे तल पर काम चल रहा है, वहीं छात्रों के हॉस्टल का ब्रिक वर्क पूरा हो चुका है। इसके अलावा, प्राचार्य आवास पर प्लास्टर का काम चल रहा है और गेस्ट हाउस का ढांचा भी तैयार है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शैक्षणिक और आवासीय भवनों का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल राज्य में उच्च स्तरीय कृषि अभियंत्रण की पढ़ाई का मौका मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र के शैक्षणिक और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।


