Araria Nepal Border News: भारत-नेपाल सीमा पर अब लोगों को छोटी-मोटी खरीदारी के लिए सीमा शुल्क नहीं देना पड़ेगा। नेपाल सरकार ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब 500 नेपाली रुपये तक के दैनिक उपयोग के सामान पर कोई भंसार शुल्क नहीं लगेगा।
इससे पहले, भारत में नेपाल के सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने कहा था कि उनकी सरकार अभी संचालन के शुरुआती चरण में है और देश को विकास तथा समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लामिछाने ने कहा कि समृद्ध नेपाल के निर्माण के लिए भारत के साथ आर्थिक सहयोग, संवाद और साझेदारी जरूरी है।
नेपाल सरकार द्वारा यह छूट मिलने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को काफी सुविधा होगी। विशेषकर छोटे व्यापारियों, मजदूरों, किसानों और आम उपभोक्ताओं के लिए सीमा पार आवाजाही और दैनिक खरीदारी पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। इस निर्णय से सीमा पर छोटी खरीदारी को लेकर होने वाली अनावश्यक औपचारिकताओं और विवादों में भी कमी आने की संभावना है।
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पुरानी नीति से उत्पन्न हुई समस्याएं
जानकारी के अनुसार, नेपाल के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, बुधवार से यह नया आदेश प्रभावी हो गया है। पहले केवल 100 नेपाली रुपये (भारतीय मुद्रा में लगभग 62.50 रुपये) से अधिक मूल्य की वस्तुओं पर सीमा शुल्क लगाया जाता था। इस कड़ी पाबंदी के कारण सीमा क्षेत्रों में व्यापक विरोध देखने को मिल रहा था।
पहले की 100 रुपये की भंसार नीति पर नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी थी, जिससे सरकार को बड़ा झटका लगा था। इस फैसले के बाद व्यापक जनविरोध और मामला नेपाल की संसद तक पहुंचने के बाद सरकार को अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ा था।
नई व्यवस्था के तहत, सीमा पर तैनात भंसार अधिकारी उचित कारण पाए जाने पर 500 रुपये तक मूल्य की निजी वस्तुओं को बिना शुल्क लगाए नेपाल में प्रवेश की अनुमति दे सकेंगे। इसके अतिरिक्त, भारत में अध्ययनरत नेपाली विद्यार्थियों को भी विशेष राहत दी गई है। ये विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए टैबलेट और लैपटॉप बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नेपाल ले जा सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए।
नेपाल के मायागंज छोटी भंसार सेवा के अधिकारियों ने नई अधिसूचना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब 100 रुपये नेपाली के स्थान पर 500 रुपये नेपाली तक मूल्य के सामान पर भंसार शुल्क में छूट का प्रावधान लागू कर दिया गया है।
स्थानीय नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
नेपाल सरकार के इस फैसले पर दोनों देशों के नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। उनका कहना है कि सरकार ने सीमा पर बसे नागरिकों और व्यापारियों की मूल समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं किया है।
स्थानीय लोगों का तर्क है कि 500 नेपाली रुपये भारतीय मुद्रा में करीब 312 रुपये के बराबर हैं, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले दैनिक व्यापार और छोटी-मोटी खरीदारी के लिहाज से बेहद कम राशि है। उनका मानना है कि यह छूट उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस कम छूट के चलते सीमावर्ती व्यापार में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाएगी।
नागरिकों ने नेपाल सरकार से मांग की है कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर मिलने वाली छूट की सीमा को कम से कम 2000 भारतीय रुपये तक बढ़ाया जाए। उनका मानना है कि इतनी राशि की छूट ही वास्तविक रूप से नेपाल Customs Duty से उत्पन्न होने वाली परेशानियों को दूर कर सकती है और दोनों देशों के बीच स्थानीय स्तर पर आर्थिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत कर सकती है।
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यह निर्णय निश्चित रूप से सीमा पर व्यापार को बढ़ावा देने में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग बताती है कि अभी भी इस दिशा में और अधिक काम करने की आवश्यकता है। एक जून से पांच दिवसीय दौरे पर भारत आए लामिछाने ने एक कार्यक्रम में कहा, नई दिल्ली में राजनीतिक दरवाजे खोलने के लिए बहुत लोग आए हैं, लेकिन मैं इस बार समृद्धि का द्वार खोलने आया हूं। समृद्ध नेपाल का सपना हम लंबे समय से देखते आए हैं। मैं उसी लक्ष्य में सहयोग का एजेंडा लेकर यहां पहुंचा हूं।
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