

Arvind Kejriwal Acquittal: सियासत के गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का खेल आम है, लेकिन जब अदालत का हथौड़ा चलता है, तो सच्चाई की नई राह खुलती है। आज दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए ऐसा ही एक दिन था, जब दिल्ली आबकारी नीति मामले में कोर्ट से बरी होने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने इन सालों में सिर्फ ईमानदारी कमाई है, पैसा नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत के 600 पन्नों के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इस मामले में केस चलाने के लिए जरा भी सबूत नहीं है।
अरविंद केजरीवाल बरी: कोर्ट का 600 पेजों का आदेश और ‘साजिश’ का आरोप
केजरीवाल ने इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आम आदमी पार्टी को खत्म करने की ‘साजिश’ बताया। उन्होंने कहा कि आज इन दोनों नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने बरी होने को अपनी ईमानदारी की जीत बताया और फिर दोहराया कि उन्होंने इन वर्षों में केवल ईमानदारी अर्जित की है, न कि पैसा।
इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद, अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की चुनौती दी। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि यदि भाजपा को 10 से अधिक सीटें मिलीं, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बयान उनकी पार्टी के प्रति उनके मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
जब उनसे कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया, तो ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं – केजरीवाल जेल गए। क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गए? संजय सिंह जेल गए। क्या राहुल गांधी जेल गए? संजय सिंह जेल गए? क्या सोनिया गांधी जी जेल गईं? कांग्रेस क्या कह रही है? क्या उन्हें कोई शर्म नहीं है?” यह बयान दिल्ली शराब नीति घोटाला से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाता है।
इससे पहले दिन में, आबकारी नीति मामले में कोर्ट से बरी होने के तुरंत बाद, उन्होंने एक रोड शो भी किया। एक अहम डेवलपमेंट में, दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को राजनीतिक रूप से आरोपित शराब नीति मामले में बरी कर दिया। कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कड़ी खिंचाई करते हुए कहा कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से टिक नहीं पाया और पूरी तरह से बदनाम हो गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सीबीआई की खिंचाई और अन्य बरी हुए नाम
इस मामले में जिन 21 लोगों को क्लीन चिट दी गई है, उनमें तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता भी शामिल हैं। कोर्ट का यह फैसला सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े करता है, खासकर जब यह दिल्ली शराब नीति घोटाला जैसे हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़ा हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह निर्णय आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी राहत है और दिल्ली की राजनीति में इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। एक बार फिर, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




