Assam Elections: चुनावी समर में बयानबाज़ी के तीर जब चलने लगते हैं, तो समझिए कि हवा का रुख बदलने वाला है। 2026 के असम विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अभी से बिगुल फूंक दिया है, और इस बार की लड़ाई को उसने ‘राजा’ बनाम ‘जनता’ का संग्राम बताया है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने 2026 के असम विधानसभा चुनावों को अभूतपूर्व बताते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि यह मुकाबला राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि असम की जनता और जिसे उन्होंने “स्वयं को राजा समझने वाला” बताया, उसके बीच होगा। गोगोई ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस ‘राजा’ का वे जिक्र कर रहे हैं, उसकी पहचान असम की जनता को भली-भांति ज्ञात है।
Assam Elections: कांग्रेस ने छेड़ा ‘राजा’ बनाम ‘जनता’ का संग्राम
एक जनसभा को संबोधित करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्षी दल जनता के बीच व्याप्त आक्रोश और हताशा से पूरी तरह अवगत हैं, और इसीलिए वे उनके साथ एकजुट होकर खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल द्वारा वित्तीय प्रलोभनों, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और चुनावी कानूनों के कथित उल्लंघन के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों के बावजूद, असम की जनता इस बार निर्णायक प्रतिक्रिया देगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गोगोई ने विश्वास व्यक्त किया कि असम की जनता एकजुट होकर पूरे देश को एक सशक्त संदेश देगी कि धन, बल, अहंकार, धमकियाँ और विभाजनकारी राजनीति जनता की गरिमा को कुचल नहीं सकती। उन्होंने यह भी दोहराया कि असम की भूमि, उसकी समृद्ध विरासत, संस्कृति, शांति और सामाजिक सद्भाव की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी। कांग्रेस नेता अमोलपत्ती नाट्य मंदिर सभागार में डिब्रूगढ़ जिला नागरिक सम्मेलन के तत्वावधान में आयोजित एक जनसभा में अपनी बात रख रहे थे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों को लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने के लिए प्रेरित करना था।
नागरिकों के अधिकार और लोकतंत्र पर हमला
गौरव गोगोई ने वर्तमान सरकार पर नागरिकों को लोकतंत्र में समान हितधारक मानने के बजाय उन्हें केवल ‘प्रजा’ की तरह समझने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न तरीकों से नागरिकों के अधिकारों को लगातार छीन रही है। नागरिकों के प्रश्न पूछने, आलोचना करने और अपनी असहमति व्यक्त करने के मौलिक अधिकारों को सीमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान सरकार के अधीन नागरिकों को सचमुच ‘प्रजा’ की तरह माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग लाभार्थियों को चुप कराने और उनकी आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि 2026 के चुनावों के परिणाम राष्ट्रीय महत्व के होंगे, जिनका पूरे देश पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अन्य राज्यों के लोग असम के इस सामूहिक रुख से महत्वपूर्ण सबक लेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





