
Assam Commando Camp Attack: रात के सन्नाटे को चीरती गोलियों की तड़तड़ाहट और ग्रेनेड के धमाकों ने असम की धरती को एक बार फिर दहला दिया है। तिनसुकिया जिले के जागुन स्थित दस माइल इलाके में असम पुलिस कमांडो के कैंप पर शुक्रवार तड़के लगभग दो बजे अज्ञात हमलावरों ने धावा बोल दिया। जानकारी के अनुसार, कैंप को निशाना बनाकर एक के बाद एक पांच ग्रेनेड फेंके गए और फिर भारी गोलीबारी शुरू हो गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
इस अप्रत्याशित हमले में कैंप में मौजूद चार कमांडो जवान घायल हो गए। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने अभी तक किसी भी आतंकी समूह द्वारा इस हमले की जिम्मेदारी लेने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन शक की सुई सीधे तौर पर यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम, इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) की ओर घूम रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस Tinsukia grenade attack ने चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
Assam Commando Camp Attack: जवाबी फायरिंग में आधे घंटे तक चली मुठभेड़
हमले के तुरंत बाद कैंप में मौजूद कमांडो जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। अरुणाचल प्रदेश की सीमा के निकट इस चाय बागान क्षेत्र में दोनों ओर से करीब 30 मिनट तक भीषण गोलीबारी चलती रही। इस दौरान घायल हुए चार जवानों में से तीन को मामूली चोटें आई हैं, जबकि एक जवान की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घायल जवानों की पहचान जोरहाट निवासी चित्रंजन मिली, देवाशीष बोरा और चाबुआ के रवि गर के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य जवान की पहचान अभी सामने नहीं आई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
हमलावरों की तलाश में सघन अभियान जारी
पूर्वोत्तर में सुरक्षा की दृष्टि से तिनसुकिया हमेशा से एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है और यहां इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। इस ताजा घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें नाकेबंदी से लेकर हवाई निगरानी तक का सहारा लिया जा रहा है। विधानसभा चुनाव के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


