
Assam Politics: राजनीति के अखाड़े में अक्सर सिनेमाई पर्दे की चमक, सियासी दांव-पेच को नई धार देती है। कुछ ऐसा ही नजारा तब दिखा जब ‘धुरंधर’ फिल्म की बंपर कमाई पर असम के मुख्यमंत्री ने राजनीतिक रंग चढ़ा दिया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बीते शुक्रवार को फिल्म ‘धुरंधर’ की व्यावसायिक सफलता को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी ताकत से जोड़कर एक नई राजनीतिक बहस का सूत्रपात किया। कांग्रेस ने फिल्म पर एक खास विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में सरमा ने कहा कि फिल्म देखने आ रही भारी भीड़ पार्टी के व्यापक जनसमर्थन का प्रमाण है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि बड़ी संख्या में दर्शक भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थकों की वैश्विक उपस्थिति का संकेत देते हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि ‘धुरंधर’ देखने वाले लोग अंततः भाजपा के लिए वोटों में बदलेंगे, जो पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
Assam Politics: फिल्म की कामयाबी और चुनावी समीकरण
सरमा ने यह भी कहा कि जब से कांग्रेस नेताओं ने ‘धुरंधर’ को “आरएसएस की फिल्म” करार दिया है, तब से जनता इसे देखने के लिए और भी ज्यादा संख्या में सिनेमाघरों का रुख कर रही है। हालांकि, इन बयानों पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं पर समाज में सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। अनवर के अनुसार, फिल्म में हिंसा का चित्रण एक विशेष समुदाय के प्रति दुश्मनी पैदा करने के स्पष्ट इरादे से किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
फिल्म पर आरोपों की झड़ी और राजनीतिक एजेंडा
अनवर ने दावा किया कि यह फिल्म एक बड़े राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की बयानबाजी सामाजिक खाई को और गहरा कर सकती है और देश के लिए इसके गंभीर, दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं। अनवर ने यह भी तर्क दिया कि फिल्म का संदेश अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को लाभ पहुंचा सकता है, जिसके लिए उन्होंने मुहम्मद अली जिन्ना के ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कथा विभाजनकारी विचारों को बढ़ावा देती है, जो समुदायों के सह-अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाती है और भारत के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कांग्रेस नेता ने फिल्म में गैंगस्टर अतीक अहमद के चित्रण पर भी आपत्ति जताई, विशेष रूप से पाकिस्तान की आईएसआई से उसके कथित संबंधों के दावों पर। उन्होंने ऐसे चित्रणों को निराधार करार दिया और भाजपा पर सिनेमा के माध्यम से गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। इन तमाम आरोपों के बीच, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने फिल्म का बचाव करते हुए कहा कि इसकी कहानी ज्ञात तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अतीक अहमद का आपराधिक इतिहास और अवैध हथियार नेटवर्क से उसके कथित संबंध सार्वजनिक रूप से सर्वविदित हैं, और फिल्म केवल एक कड़वी सच्चाई को सामने रखती है।

