
औरंगाबाद स्कूल हिंसा: ज्ञान के मंदिर में उस दिन ऐसी अराजकता फैली कि शिक्षा और सम्मान दोनों की देहरी लांघ दी गई। सवाल जवाब में बदल गए, और फिर सवालों ने हाथों का रूप ले लिया। एक ऐसे शिक्षक की पिटाई हुई, जिस पर भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी थी।
औरंगाबाद स्कूल हिंसा: सरस्वती पूजा पर स्कूल बंद करने का विवाद, प्रधानाध्यापक की छात्रों-अभिभावकों ने की पिटाई, पुलिस के सामने भी हमला
मध्य विद्यालय बक्सर प्रताप, गोह, औरंगाबाद में शनिवार की सुबह उस वक्त हंगामा मच गया, जब प्रधानाध्यापक वेंकटेश कुमार विद्यालय पहुंचे। स्कूल के छात्र और उनके अभिभावक सरस्वती पूजा के दिन विद्यालय में तालाबंदी कर चले जाने को लेकर जवाब मांगने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रधानाध्यापक ने पूजा के दिन स्कूल बंद रखा, जिससे बच्चों की भावनाएं आहत हुईं। बातचीत की जगह प्रधानाध्यापक छात्रों से बहस करने लगे, जिससे माहौल और गरमा गया।
आक्रोशित ग्रामीणों और छात्रों ने वेंकटेश कुमार की पिटाई कर दी। इस प्रधानाध्यापक पर हमला की घटना के बाद विद्यालय के बाहर ही सरस्वती माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक को विद्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने 112 डायल पुलिस टीम को सूचना दी। छात्रों में प्रधानाध्यापक के प्रति भारी आक्रोश देखा गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
औरंगाबाद स्कूल हिंसा: पुलिस के सामने भी हुई प्रधानाध्यापक की पिटाई
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रधानाध्यापक को अपनी गाड़ी से थाने ले जाने लगी। इसी दौरान ग्रामीण और छात्र और अधिक उग्र हो गए। उन्होंने पुलिस के वाहन का दरवाजा खोलकर प्रधानाध्यापक की दोबारा पिटाई कर दी। किसी तरह पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया और प्रधानाध्यापक को थाने ले जाने में सफल रही। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते तनाव को उजागर किया है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अशोक कुमार को जब घटना की जानकारी मिली, तो वे तुरंत विद्यालय पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण एवं छात्रों से बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। ग्रामीणों ने बीईओ को लिखित आवेदन देकर प्रधानाध्यापक वेंकटेश कुमार के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानाध्यापक पर लगे गंभीर आरोप, स्थानांतरण की मांग
ग्रामीणों और छात्रों की मुख्य मांग है कि प्रधानाध्यापक का तत्काल इस विद्यालय से स्थानांतरण किया जाए। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापक अक्सर छात्र-छात्राओं को अपमानित करते हैं और उनका व्यवहार ठीक नहीं है। दूसरी ओर, प्रधानाध्यापक वेंकटेश कुमार ने सफाई दी कि सरस्वती पूजा के आयोजन को लेकर शिक्षा समिति के साथ विचार-विमर्श किया गया था, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका था। इसलिए विद्यालय में सरस्वती पूजा का आयोजन नहीं किया गया।
स्थानीय थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस बल को घटनास्थल पर भेजा गया था। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष द्वारा थाने में कोई लिखित शिकायत या आवेदन नहीं दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


