



Begusarai News: जैसे ही ईमानदारी की चादर उतरी, भ्रष्टाचार का नंगा नाच सामने आ गया, जहां सरकारी दफ्तर में ‘सुविधा शुल्क’ का खेल खुलेआम चल रहा था। निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर दो बड़े अधिकारियों को दबोच लिया, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
Begusarai News: 18 हजार के बिल के लिए मांगी 1800 की घूस
बेगूसराय जिले में भ्रष्टाचार पर निगरानी विभाग ने एक बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार को समाहरणालय परिसर में स्थित जिला कल्याण कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पटना से आई निगरानी टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने जिला कल्याण पदाधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और उनके सहयोगी नजीर जिवेन्द्र कुमार सिंह को 1800 रुपये की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें बिल पास करने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया गया था।
जानकारी के अनुसार, बछवारा के रहने वाले मुकेश राम ने निगरानी विभाग में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ऑफिस सप्लाई से जुड़े 18 हजार रुपये के एक बिल को पास करने के लिए जिला कल्याण पदाधिकारी लगातार 10% यानी 1800 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इस तरह की रिश्वतखोरी से परेशान होकर उन्होंने मामले की जानकारी निगरानी विभाग को दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पहले अपने स्तर पर मामले की सत्यता की जांच की। जब आरोप सही पाए गए, तो डीएसपी शिव कुमार साह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
निगरानी ने ऐसे दबोचा रंगेहाथ
योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता मुकेश राम को केमिकल लगे हुए 1800 रुपये देकर जिला कल्याण कार्यालय भेजा गया। जैसे ही उन्होंने पदाधिकारी के नजीर जिवेन्द्र कुमार सिंह को रिश्वत की रकम दी, पहले से तैयार बैठी निगरानी टीम ने तुरंत छापेमारी कर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। टीम ने नजीर के हाथ धुलवाए, तो उनका रंग लाल हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत था। इसके बाद टीम ने जिला कल्याण पदाधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और नजीर जिवेन्द्र कुमार सिंह, दोनों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी टीम के डीएसपी शिव कुमार साह ने बताया कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया था, जिसके बाद आज उन्हें भागलपुर स्थित विजिलेंस की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है।






