
मौत कभी बता कर नहीं आती, लेकिन जब आती है तो पूरे परिवार को तोड़ कर रख देती है। कुछ ऐसी ही मनहूस रात थी बैरिया के घुसकपुरा गांव के तीन परिवारों के लिए, जिनकी खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं। Bihar Accident: बिहार के बेतिया में एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए, जहां तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई।
Bihar Accident: बेतिया में मौत का तांडव, सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत, परिवारों में पसरा मातम
Bihar Accident: कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
बिहार के बेतिया में एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए, जहां तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक घटना बैरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरुवार देर रात करीब 11:40 बजे घटित हुई। मृतकों की पहचान बैरिया वार्ड संख्या 06 स्थित घुसकपुरा गांव निवासी आलोक कुमार (20), रौशन कुमार (15) और विकास कुमार (20) के रूप में हुई है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शुक्रवार सुबह जीएमसीएच में तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बैरिया थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि जिस ट्रक से टकराकर यह हादसा हुआ, उसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता चल सके। यह दुखद पल है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जानकारी के अनुसार, आलोक पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था, जबकि विकास विदेश जाने की तैयारी में था और उसका पासपोर्ट भी बन चुका था। इन तीनों युवकों का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा था, लेकिन एक पल की चूक ने सब कुछ छीन लिया। सूत्रों के मुताबिक, तीनों एक ही बाइक से नाथबाबा चौक पर आयोजित महायज्ञ का मेला देखने गए थे।
मेला देखकर देर रात घर लौटने के दौरान बगही बढ़िया टोला के पास सड़क किनारे खड़े यूरिया लदे एक ट्रक से उनकी बाइक पीछे से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ा था और उसमें कोई इंडिकेटर या चेतावनी लाइट नहीं जल रही थी। अंधेरे के कारण बाइक सवार युवकों को ट्रक दिखाई नहीं दिया, और वे सीधे उससे जा भिड़े। इस तरह की लापरवाही भरी सड़क दुर्घटनाएं अक्सर बड़े हादसों का कारण बनती हैं।
हादसा इतना भयावह था कि आलोक कुमार और विकास कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल रौशन कुमार को स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने जीएमसीएच बेतिया में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस त्रासदी ने पूरे गांव को सन्न कर दिया है। यह एक दर्दनाक खबर है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मृतक आलोक कुमार के पिता संजय चौधरी उर्फ पंकज चौधरी ने बताया कि आलोक दो भाइयों में बड़ा था और पटना में रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था। वहीं, रौशन कुमार के पिता कन्हैया सहनी ने बताया कि रौशन नौवीं कक्षा का छात्र था और दो भाइयों में बड़ा होने के साथ उसकी दो छोटी बहनें भी हैं। बेटे की मौत के बाद मां रिंभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बेतिया के तीन होनहारों का सपना टूटा, परिवारों पर वज्रपात
विकास कुमार के पिता चंद्रमा चौधरी ने बताया कि विकास भी दो भाइयों में बड़ा था और विदेश जाकर अपने परिवार का सहारा बनने की तैयारी कर रहा था। उसकी एक बहन की शादी हो चुकी है। बेटे के असमय निधन से मां बबीता देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे ने तीनों परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है, जिनकी खुशियां पल भर में बिखर गईं। प्रशासन को ऐसी सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों को और कड़ाई से लागू करना चाहिए और सड़कों पर खड़े अनियोजित वाहनों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे दुखद हादसों को टाला जा सके। यह घटना एक चेतावनी है कि जीवन कितना अनमोल है और सुरक्षा नियमों का पालन कितना महत्वपूर्ण है।




