

Bihar News: भ्रष्टाचार की काली छाया ने फिर एक सरकारी दफ्तर को घेरा, जहां एक अकाउंटेंट खुलेआम रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा गया। यह घटना राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar News: 18 हज़ार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा गया अकाउंटेंट, निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
Bihar News: कैसे बिछाया गया जाल और कब हुई गिरफ्तारी
Bihar News: मिली जानकारी के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, 18 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए एक अकाउंटेंट को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अकाउंटेंट का नाम शिशिर राम बताया जा रहा है। उसे गिरफ्तार करने के बाद टीम आगे की पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके और यह भी पता लगाया जा सके कि क्या इस रिश्वतखोरी के गोरखधंधे में कोई और भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार निगरानी विभाग (SVU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए खगड़िया स्थित LEAO कार्यालय के अकाउंटेंट शिशिर राय को घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की टीम ने आरोपी को 18 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय पकड़ा।
जानकारी के अनुसार, शिशिर राय पर एक लाभार्थी से कार्यालयीन कार्य के निष्पादन के बदले अवैध राशि की मांग करने का आरोप था। शिकायत की पुष्टि के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत आरोपी को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।
निगरानी विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि सरकारी कामकाज के नाम पर कुछ कर्मचारी जनता से अवैध वसूली कर रहे हैं। इसी क्रम में यह शिकायत शिशिर राम के खिलाफ भी मिली थी, जिसके बाद निगरानी की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी योजना तैयार की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
मामले में आगे की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि निगरानी टीम ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए जाल बिछाया। शिकायतकर्ता की निशानदेही पर अकाउंटेंट शिशिर राम को रिश्वत की रकम लेते ही धर दबोचा गया। इस गिरफ्तारी के बाद से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। कई अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के मन में भी डर बैठ गया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गिरफ्तारी के बाद शिशिर राम को निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक सबक है जो अपने पद का दुरुपयोग करके आम जनता को परेशान करते हैं और उनसे नाजायज पैसे की मांग करते हैं। निगरानी विभाग की यह कार्रवाई रिश्वतखोरी पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



