back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 12, 2026
spot_img

Bihar Congress में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज, क्या राजेश राम की विदाई तय? अब ‘मौका’

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Bihar Congress: सियासत की बिसात पर मोहरों की अदला-बदली आम बात है, लेकिन जब घर के भीतर ही बगावत के सुर उठने लगें, तो शह और मात का खेल तेज हो जाता है। बिहार में कांग्रेस की हालत कुछ ऐसी ही है, जहाँ विधानसभा चुनाव की हार के बाद संगठन के भीतर मची उथल-पुथल अब खुले तौर पर सामने आने लगी है। आलाकमान ने अब इस पर सख्त रुख अपना लिया है।

- Advertisement -

Bihar Congress में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज, क्या राजेश राम की विदाई तय?

- Advertisement -

Bihar Congress: दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन पर गंभीर मंथन

- Advertisement -

नई दिल्ली में हाल ही में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक ने बिहार कांग्रेस के भविष्य को लेकर कई संकेत दिए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बिहार से कांग्रेस के सभी विधायक, एमएलसी, सांसद और प्रमुख नेता भी इस चर्चा का हिस्सा बने। बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा करना और संगठन में गहरे असंतोष को दूर करने के उपायों पर विचार करना था। इसी दौरान, कई नेताओं ने बिना किसी हिचक के प्रदेश नेतृत्व को बदलने की मांग उठाई, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की कुर्सी पर संकट मंडरा रहा है और उन्हें जल्द ही पद से हटाया जा सकता है। पार्टी के भीतर से मिल रही जानकारी के अनुसार, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई नेताओं ने वर्तमान नेतृत्व के कामकाज के तरीके पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

आरोप है कि संगठन को मजबूत करने के बजाय गुटबाजी को बढ़ावा मिला और चुनाव के दौरान टिकट वितरण में भी पारदर्शिता का अभाव था, जिसके कारण पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। चुनाव परिणामों के बाद यह असंतोष और गहरा गया है। आलाकमान अब इस आंतरिक कलह को खत्म करने और पार्टी को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहा है।

नए संगठनात्मक बदलाव के लिए सर्च कमिटी का गठन

कांग्रेस आलाकमान ने बिहार कांग्रेस में जारी घमासान को शांत करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए एक ठोस योजना तैयार की है। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव के लिए एक सर्च कमिटी का गठन किया जाएगा। यह कमिटी संगठन की वर्तमान स्थिति, प्रदेश अध्यक्ष के संभावित चेहरों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर जून 2026 के बाद कोई बड़ा और निर्णायक फैसला लिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से आलाकमान यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नया नेतृत्व अनुभव, योग्यता और संगठनात्मक समझ के आधार पर ही चुना जाए, न कि किसी अन्य दबाव में। पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलाव की यह कवायद निश्चित रूप से एक नए युग की शुरुआत करेगी।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें:  Bihar Police Encounter: बिहार में NDA सरकार के 83 दिन, 10 बड़े एनकाउंटर से अपराधियों में हाहाकार!

जाति नहीं, योग्यता को मिलेगा महत्व

दिल्ली में हुई बैठक में कई नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश अध्यक्ष का चयन केवल जातिगत समीकरणों के आधार पर नहीं होना चाहिए। वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने स्पष्ट रूप से कहा कि संगठन की जिम्मेदारी उसी व्यक्ति को मिलनी चाहिए, जिसमें अनुभव और वास्तविक नेतृत्व क्षमता हो। एक एमएलसी ने तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रसिद्ध नारे ‘जात पर न पात पर, मुहर लगेगी हाथ पर’ का जिक्र करते हुए संगठन को इसी सोच के साथ आगे बढ़ाने की बात कही। यह बयान साफ संकेत देता है कि पार्टी अब जातीय संतुलन से आगे बढ़कर संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी को फिर से खड़ा किया जा सके।

यह भी पढ़ें:  बिहार शिक्षक बहाली: TRE-4 और प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए BPSC को मिली अधियाचना, प्रक्रिया हुई तेज

बिहार कांग्रेस में असंतोष केवल प्रदेश अध्यक्ष तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक गुट प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोले हुए है। चुनाव से पहले उन पर टिकट बंटवारे में गड़बड़ी और मनमानी के आरोप लगे थे। चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद इस गुट ने पटना से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन कर दोनों नेताओं को हटाने की मांग की। इस नाराजगी का सीधा असर संगठनात्मक एकजुटता पर भी पड़ा है, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

विधायकों की नाराजगी और आरजेडी गठबंधन पर मंथन

दिल्ली बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार के सभी छह कांग्रेस विधायकों से उनकी कथित नाराजगी को लेकर सीधे सवाल किए। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों ने एक स्वर में कहा कि वे पार्टी से नाराज नहीं हैं। दरअसल, हाल के दिनों में एनडीए नेताओं द्वारा कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने के दावे किए जा रहे थे, जिसे आलाकमान ने इस बैठक के जरिए खारिज करने की कोशिश की। पार्टी ने यह साफ कर दिया कि विधायकों के भीतर कोई टूट नहीं है और वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।

यह भी पढ़ें:  Bihar Politics News: बजट सत्र से पहले विधानसभा के बाहर विपक्ष का 'शक्ति प्रदर्शन', नीतीश सरकार पर जमकर बरसे

बैठक में बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। कई नेताओं ने माना कि आरजेडी के साथ गठबंधन में कांग्रेस खुद को असहज महसूस कर रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर फिलहाल कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में इस पर पुनर्विचार हो सकता है। पार्टी नेतृत्व इस विषय पर सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति बनाने के मूड में है। यह भी स्वीकार किया गया कि प्रदेश संगठन और विधायकों के बीच समन्वय की कमी रही है। राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद संगठन और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक समन्वय समिति बनाने पर सहमति बनी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पार्टी का मानना है कि बेहतर संवाद और समन्वय से ही संगठन को दोबारा खड़ा किया जा सकता है। दिल्ली बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि बिहार कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव तय माना जा रहा है। नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश और संगठन को मजबूत करने की कवायद आने वाले महीनों में तेज होगी। आलाकमान यह संदेश देना चाहता है कि हार के बाद आत्ममंथन जरूरी है और पार्टी को नई ऊर्जा व नई दिशा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Romantic Web Series: इस वैलेंटाइन अपने पार्टनर संग देखें ये 5 धांसू लव स्टोरीज, बढ़ जाएगा रोमांस!

Romantic Web Series News: प्यार और मोहब्बत का महीना आ गया है, और साथ...

BYD Atto 3 Evo: इलेक्ट्रिक एसयूवी का नया अवतार, जानें कीमत और खासियतें

BYD Atto 3 Evo: भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में धूम मचाने वाली BYD...

BHEL: सरकार का बड़ा Offer For Sale, निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

Offer For Sale: BHEL के शेयरों में अचानक आई हलचल ने निवेशकों के बीच...

iPhone 17e: एप्पल का नया बजट किंग, जानें क्या होगा खास!

iPhone 17e: Apple एक बार फिर स्मार्टफोन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें