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फ़रवरी, 14, 2026
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Bihar हो जाओ Alert, नेपाल में भारी बारिश, मची तबाही, 24 घंटे के भीतर हो गया Nepal भयावह…बाढ़ और भूस्खलन से Nepal जलविद्युत के 16 कर्मी समेत 25 लोग लापता,

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नेपाल के पूर्वी हिस्से में बाढ़ से स्थिति भयावह हो गई है। पूर्वी नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 25 लापता हो गए हैं, जबकि एक की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, ये सभी घटनाएं पूर्वी नेपाल के तीन जिलों में शनिवार शाम से 24 घंटे के भीतर दर्ज की गई।

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जानकारी के अनुसार, इनमें से संखुवासभा जिला सबसे अधिक प्रभावित है। इस जिले में 16 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है।

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जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख बीरेंद्र गोदर ने बताया कि हेवाखोला में शनिवार शाम से आई बाढ़ के बाद सुपर हेवाखोला जलविद्युत के 16 कर्मचारी लापता हो गए हैं। उन्होंन कहा कि बाढ़ में सात घर बह गए हैं।

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नेपाल में भारी बारिश की वजह से कोसी और अन्य नदियों के जल स्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। भारी बारिश का असर पूर्वोत्तर भारत पर भी पड़ेगा।

आपको याद होगा इससे पहले राजधानी काठमांडू के पास सिंधुपालचोक जिले में नेपाल में सुन कोसी नदी के रास्ते को एक बड़े भूस्खलन ने कई घंटों के लिए अवरुद्ध कर दिया था।

इससे एक कृत्रिम झील का निर्माण हो गया था। भूस्खलन को साफ करने के लिए नियंत्रित विस्फोट किए गए थे और फिर पानी बिहार की ओर बढ़ गया, जिससे बाढ़ का डर पैदा हो गया और अधिकारियों को उत्तरी बिहार में बड़े पैमाने पर निकासी करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

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हालांकि, जैसे ही बाढ़ का खतरा कम हुआ, लोग बिहार में बाढ़ प्रभावित कोसी क्षेत्र में अपने गांव वापस चले गए थे लेकिन खतरा फिर वैसा ही दिखने लगा है।

आपको बता दें कि नेपाल की तीन सबसे बड़ी नदी कोसी, गंडकी और करनाली ऊंचे पर्वतीय ग्लेशियरों से निकलती हैं। देश से होकर बहती हैं और फिर बिहार राज्य से होते हुए भारत में प्रवेश करती हैं।

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मानसून के मौसम के दौरान, इन नदी प्रणालियों में अक्सर नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बाढ़ आ जाती है, जो भारत के सबसे बाढ़ प्रवण राज्य-बिहार में बाढ़ पैदा करती है।

उत्तरी बिहार में रहने वाली लगभग 76 प्रतिशत आबादी इन नदी प्रणालियों के कारण बाढ़ के खतरे में रहती है और बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्र का कुल 73.06 प्रतिशत बाढ़ प्रभावित है (ज्यादातर मानसून के दौरान)।

1998 से 2012 तक बिहार में बाढ़ के इतिहास से पता चलता है कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण पानी के भारी निर्वहन ने भारत में नदी के तटबंधों पर एक मजबूत दबाव बनाया है।

फिलहाल जो जानकारी है उसके मुताबिक, पिछले चौबीस घंटे में हालात बेकाबू होने लगे हैं। बाढ़ से नेपाल का संखुवसाभा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। संखुवसाभा में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे सोलह कामगार लापता हैं।

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तापलेजंग इलाके में भी चार लोगों के लापता होने की खबर है। दरअसल भूस्खलन के चलते एक घर तबाह हो गया, जिसमें चार लोग भी मलबे में दब गए हैं।

लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कुमार दहल ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ में सात घर भी बह गए हैं। एक मजदूर की लाश बरामद हुई है, जिसकी पहचान की कोशिश की जा रही है। वहीं पंचथार जिले में बाढ़ में पांच लोगों के लापता होने की खबर है। बाढ़ में सड़कों के बह जाने के चलते विभिन्न इलाकों का संपर्क टूट गया है।

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