
बीते करीब तीन महीनों से बिहार के कई शहरों की हवा भारत में सबसे अधिक जहरीली हो गई है। वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है। इस मायने में सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में एक दिल्ली बिहार के कई शहरों से पीछे छूट गयी है।
इस साल 20 नवंबर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 423 के साथ मोतिहारी भारत का सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा। वहीं इसके बाद दूसरे नंबर पर 411 एक्यूआई वाला दरभंगा तथा तीसरे नंबर पर 401 के साथ सीवान रहा।
आंकड़ों के अनुसार बेगूसराय, कटिहार, बेतिया, पूर्णिया, अररिया, मुजफ्फरपुर, बक्सर, समस्तीपुर और पटना की हवा भी काफी खराब चल रही। बिहार में प्रदूषण और वायु की खराब गुणवत्ता पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। मगर आज की रिपोर्ट चौंकाती है। आज जो रिपोर्ट जारी की गई है उसमें दरभंगा की हालत सबसे पतली है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
बिहार देश के सबसे प्रदूषित राज्यों की श्रेणी में पहले पायदान पर पहुंच गया है। राज्य के अधिकतर शहरों ने इस मामले में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है। मंगलवार को राजधानी पटना समेत, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, कटिहार, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर, छपरा और पूर्णिया का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। बिहार का दरभंगा सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां एक्यूआई स्तर 476 पाया गया, जबकि दिल्ली का एक्यूआई स्तर 300 रहा।
नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक दरभंगा में सुबह छह बजे 476 एक्यूआई स्तर रहा। पटना का एक्यूआई स्तर 440 मापा गया। बेगूसराय में यह 449, छपरा में 424,कटिहार में 420, पूर्णिया में 426, समस्तीपुर में 432,सीवान में 457 और मोतिहारी में 402 रहा।
बिहार में आज सबसे कम एक्यूआई किशनगंज जिले के मंगुरहा वन विभाग के गेस्ट हाउस का 167 रहा। एक्यूआई को इसकी रीडिंग के आधार पर छह कैटेगरी में बांटा गया है। 0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
देश में एक्यूआई आठ प्रदूषण कारकों (पीएम10, पीएम 2.5, एनओ 2, एसओ 2, सीओ 2, ओ 3, एनएच 3 और पीबी) के आधार पर तय होता है। पिछले 24 घंटे में इन कारकों की मात्रा के आधार पर हवा की गुणवत्ता को परखा है।






