Bokaro Road Safety: सड़कों पर सरपट दौड़ती जिंदगी को अनुशासन की डोर से बांधने और सुरक्षा का कवच पहनाने के लिए बोकारो में एक खास मुहिम चल रही है। यह सिर्फ चालान काटने की कवायद नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है।
बोकारो रोड सेफ्टी: चालकों को गुलाब, नियमों का पाठ; ‘रोको-टोको’ अभियान से सड़कों पर लौटेगी जान!
बोकारो रोड सेफ्टी: सड़कों पर तेज हुआ ‘रोको-टोको’ अभियान
उपायुक्त अजय नाथ झा के स्पष्ट निर्देशों पर, शुक्रवार को बोकारो स्टील सिटी के एलआईसी मोड़, सेक्टर-5 हटिया चौक और शहर के अन्य महत्वपूर्ण चौराहों पर जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों ने एक गहन ‘रोको-टोको’ अभियान चलाया। इस दौरान, दोपहिया वाहन चालकों को रोककर उनके हेलमेट और आवश्यक दस्तावेज़ों—जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र—की सघन जांच की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना नहीं था, बल्कि चालकों को सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत कराना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस विशेष अभियान के दौरान, पुलिस और समिति के सदस्यों ने उन लोगों को समझाया जो सड़क सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। उनसे भविष्य में जागरूक रहने और दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की गई। कई लापरवाह वाहन चालकों को, जो हेलमेट के बिना गाड़ी चला रहे थे, उन्हें गुलाब का फूल और फूलों की माला पहनाकर अनूठे ढंग से जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि अगली बार जब भी वे घर से दोपहिया वाहन लेकर निकलें, तो जूते और हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें।
सड़क पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए, ट्रैफिक नियम का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इन नियमों का उल्लंघन न केवल अपने लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी खतरा पैदा करता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। समिति के सदस्यों ने साफ किया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि सभी लोग इन महत्वपूर्ण बातों को समझें और सड़क सुरक्षा को अपनी आदत में शुमार करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
लगातार जारी रहेगा जागरूकता का यह सिलसिला
जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों ने बताया कि यह ‘रोको-टोको’ अभियान अगले कई दिनों तक अनवरत जारी रहेगा। पुलिस की टीमें शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों से भी सीधे संवाद स्थापित करेंगी। इस अभियान का मूल ध्येय ट्रैफिक नियम के अनुपालन को बढ़ावा देना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है। इसका मकसद अनुचित ड्राइविंग आदतों और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी ढंग से लगाम कसना है, ताकि सड़कों पर सभी सुरक्षित रह सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






