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फ़रवरी, 25, 2026
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बिहार के सभी सरकारी स्कूलों के बच्चे अब चलाएंगें कंप्यूटर, 15 अगस्त के बाद शुरू होंगी कंप्यूटर कक्षाएं, पेशेवेर प्रोफेशनल के हाथों में होंगी कमान

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बिहार में शिक्षा विभाग की जिस तरीके से कवायद हो रही है अगर सबकुछ ठीक रहा राजनीति नहीं हुई तो सरकारी स्कूलों का स्तर तय है बदल जाएगा। अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी माउस और की बोर्ड पर हाथ चलाएंगें।

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अब प्रत्येक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में कंप्यूटर की क्लास ली जाएगी। इसके लिए तैयारी करने का आदेश बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को  दिया है। अब सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में 20 कंप्यूटर और मध्य में10-10 कंप्यूटर उपलब्ध कराई जाएंगी।

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कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए पेशेवेर प्रोफेशनल की सेवा मानदेय के आधार पर ली जाएगी। इसके साथ ही सभी कंप्यूटर पैनलबद्ध वेडर्स के जरिए लगवाए जाएंगे। इस कंप्यूटर के माध्यम स ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा।

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शिक्षा विभाग ने नए फरमान में कहा है कि प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में 15 अगस्त से कंप्यूटर की क्लास शुरू होगी। यह आदेश बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को देते कहा गया है कि स्कूल में कंप्यूटर की पढ़ाई की व्यवस्था विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने प्रत्येक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में 20 लैपटाप और प्रत्येक मध्य विद्यालय में 10 कंप्यूटर सेट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह भी आदेश दिया है कि राज्य के सभी सरकारी स्कूल में किसी भी हाल में 15 अगस्त से कंप्यूटर की क्लास शुरू हो जानी चाहिए।

इसको लेकर वो खुद औचक निरक्षण भी कर सकते हैं। इसके साथ ही इस आदेश में यह भी साफ़ किया गया है कि, स्कूल में लैपटाप की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक यानी हेडमास्टर की होगी। वह यह सुनिश्चित करेंगे शाम में स्कूल की टाइमिंग समाप्त होने के बाद सभी लैपटाप वापस बंद कर किसी आलमारी अथवा लोहे के बक्से में रखा जाए।

चोरी होने पर इसकी जिम्मेवारी सीधे तौर पर प्रधानाध्यापक पर मानी जाएगी। इसलिए जहां-जहां लैपटाप लगाए जाएंगे वहां रात्रि प्रहरी की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। रात्रि प्रहरी को राशि विद्यालय के विकास कोष या छात्र कोष से दी जाएगी।

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कंप्यूटर और लैपटाप में ई-लाइब्रेरी की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को नोडल एजेंसी बनाया गया है। ई-लाइब्रेरी में कक्षा छह से बारह तक के कक्षाओं के लिए अध्ययन सामग्री, प्रश्न पत्र बैंक, गेस पेपर, प्रैक्टिस पेपर्स और मल्टी मीडिया कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा।

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