

बिहार में फिर अपहरण उद्योग खुलते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला मोतिहारी का है, जहां एक डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉक्टर से दो करोड़ की रंगदारी मांगी गयी है। इतना ही नहीं, नहीं देने पर अपराधियों ने जान से मारने की भी धमकी दी है। इससे सिर्फ एक डॉक्टर नहीं बल्कि शहर समेत पूरे बिहार के डॉक्टरों में दहशत है। वहीं, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मामला, मोतिहारी के छतौनी थाना इलाके का है जहां त कवि डायग्नोस्टिक के संस्थापक डॉ. संजय कुमार से अपराधियों ने दो करोड़ रुपए बतौर रंगदारी मांगी है। अपराधियों ने अपनी हैंड राइटिंग पहचान नहीं पाने के कारण धमकी वाला पत्र प्रिंटर से कॉपी करके डॉक्टर को भेजी है जो अपराधियों ने डॉक्टर के घर फेंका है। पुलिस ने डॉक्टर कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
इससे ना सिफ डॉ. संजय कुमार का परिवार बेहद ही डरा है। बल्कि पूरे बिहार के डॉक्टरों में दहशत है। कारण इससे पहले नवादा के एक चिकित्सक पर गायब हो गए थे। इधर, सूचना मिलने के बाद प्रभारी सदर डीएसपी रंजन कुमार क्लिनिक पर पहुंचकर डॉक्टर से इस मामले में पूछताछ की है।
एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने सदर डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। रंगदारी से संबंधित चिट्ठी मेरे चैंबर में लैपटॉप को ढंकने वाले तौलिए के नीचे लिफाफा में रखा हुआ था। इसमें दो करोड़ रुपये रंगदारी देने की बात कही है।
डॉ. संजय ने बताया कि ‘रंगदारी से संबंधित चिट्ठी उनके चैंबर में लैपटॉप को ढंकने वाले तौलिए के नीचे लिफाफा में रखा हुआ था। इसमें दो करोड़ रंगदारी मांगी गई है।
इसके साथ रंगदारी नहीं देने पर उनके और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि, हम जिस चैंबर में रहते हैं उस दौरान मरीज चैंबर में आते हैं। इसके पहले स्टाफ ही चैंबर में आते जाते हैं।
ऐसे में यह चिट्ठी किसने भेजी है। इसकी कोई जानकरी नहीं है। जब चैंबर से निकलते वक्त लैपटॉप को शट डाउन करके उसे ढंकने के लिए तौलिया उठाया तब नीचे लिफाफा रखा हुआ मिला। लिफाफे में रंगदारी से संबंधित पत्र था।

