
संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। दरभंगा आईजी ललन मोहन प्रसाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। कई लोगों ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार समेत मुख्यमंत्री कार्यालय में पत्र के माध्यम से इस बात को रखा है।
बहुत जल्द आर्थिक अपराध या निगरानी विभाग आईजी पर लगे गंभीर आरोप की जांच कर सकती है। मुख्यमंत्री के सचिव ने उनके ऊपर लगाए गये भ्रष्टाचार को जांच कर जल्द ही प्रतिवेदन भेजने के लिये डीजीपी को कहा है। मुख्यमंत्री के सचिव ने पत्र के माध्यम से डीजीपी को कहा है कि दरभंगा रेंज के आईजी ललन मोहन प्रसाद ने रिश्वत लेकर दागी पुलिस पदाधिकारीयों को सरंक्षण दिया जा रहा है जो एक गंभीर मामला है।
इस मामले को लेकर समस्तीपुर के पूर्व सांसद प्रतिनिधि रवींद्र नाथ सिंह में मुख्यमंत्री को आवेदन देकर कई गंभीर आरोप लगाये है। रवींद्र का कहना है एक दो नहीं कई अनगिनत मामले जो यह साबित करने के लिये काफी है कि आईजी ललन मोहन प्रसाद भ्रष्ट आईजी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रसूख के कारण इनकी पोस्टिंग यहां हुई लेकिन आम जनता त्रस्त है।
अब सवाल यही है कि पुलिसिया व्यवस्था में बड़े-बड़े अधिकारी जब भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते है तब आम लोंगों पर इसका बहुत बड़ा असर होता है
उसे न्याय नहीं मिलता है। और, तब जब थाना प्रभारी किसी थाने की कुर्सी खरीदकर और उसपर विराजमान हो जाय तब तो उसका वरीय पदाधिकारीयों का भय ही समाप्त हो जाता है। फिर जाहिर सी बात है कि थानाध्यक्ष नंगे नाच करने लगते है। क्योंकि उसका डर खत्म हो जाता है।
पैसों की चाहत और पैसों की लालच ने पुलिस विभाग को ही अपंग बना दिया है। इस बाबत जब आईजी ललन मोहन प्रसाद के मोबाइल नंबर पर पक्ष लेने का प्रयास किये लेकिन उनके सरकारी नंबर पर बात नहीं हो पाई।
लगातार आईजी की खबर पर हमारी नजर बनी है। इस मामले में हर उस खबर को हम आप तक हर रोज एपिसोड में पढ़ाएंगें। बने रहिए हमारे साथ। देशज टाइम्स असंभव से आगे…पढ़िए जाग जाइए, फ्री का अखबार








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