
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के बरौनी रिफाइनरी में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर कैमूर जिला के भभुआ निवासी अजय कुमार चौधरी के करीब 38 वर्षीय पुत्र कुमार ऋषिकेश की रविवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद रिफाइनरी अस्पताल में बवाल हो गया। घटना के करीब चार घंटे बाद पहुंचे कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख के समक्ष भी कर्मियों ने एक घंटे तक जोरदार नारेबाजी की।
पिता अजय कुमार चौधरी ने संबंधित डॉक्टर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने तथा डीजीएम एचआर सहित अस्पताल की व्यवस्था में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग किया है। कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख आर.के. झा ने कहा है कि उच्च स्तरीय कमेटी मामले की पूरी जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस पर गहन अध्ययन किया जाएगा।
रिफाइनरी अस्पताल में हंगामा कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि कैमूर जिला के भभुआ निवासी अजय कुमार चौधरी के करीब 38 वर्षीय पुत्र कुमार ऋषिकेश बरौनी रिफाइनरी में इंजीनियरिंग असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थे। रात में उन्हें बुखार आया तथा सुबह तक बुखार के साथ काफी ठंड लगने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर सुबह करीब 6:45 बजे बरौनी रिफाइनरी अस्पताल पहुंचे, जहां की कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।
एक मेडिकल स्टाफ की ओर से बगैर जांच पड़ताल करते किए ऑनडॉम और पैनटॉप की सुई एक साथ दे दिया गया। सुई देने के 15 सेकेंड के अंदर पूरे शरीर में कंपन होने लगा तथा पूरा शरीर पीला पड़ गया, यह देख मौके पर मौजूद एक स्वीपर ने सीपीआर दिया। आनन-फानन में परिजन एंबुलेंस से लेकर निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही कर्मचारी काफी आक्रोशित हो गए तथा सैकड़ों लोग बरौनी रिफाइनरी अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे।
कार्यपालक निदेशक ने कहा कि जांच टीम में अधिकारी और अन्य डॉक्टर के अलावा स्वतंत्र रूप से बाहर के भी एक हर्ट स्पेशलिस्ट को शामिल किया जाएगा। जो भी दोषी होंगे,अगले सोमवार तक जांच पूरा कर कार्रवाई की जाएगी, अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा, ताकि किसी को यहां से रेफरेंस नहीं करना पड़े। परिजनों को औद्योगिक प्रावधान के नियमानुसार हर संभव मदद की जाएगी, मामले में दोषी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

