कभी-कभी आंकड़ों का खेल ही बताता है कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। दिल्ली सरकार ने अपने बजट के पन्नों को फिर से पलटा है, और इस बार जनता के लिए विकास की नई इबारत लिखने का इरादा साफ दिख रहा है।
Delhi Budget: दिल्ली सरकार ने शहरी विकास, परिवहन, शिक्षा और यमुना पुनरुद्धार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में परियोजनाओं को गति देने के लिए अपने बजट आवंटन में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिससे यह राशि 28,115 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 30,248 करोड़ रुपये हो गई है।
दिल्ली बजट: विकास की राह पर दिल्ली सरकार का बड़ा कदम
दिल्ली सरकार ने हाल ही में अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में अहम बदलाव किए हैं। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास, परिवहन व्यवस्था, शिक्षा के स्तर में सुधार और यमुना नदी के पुनरुद्धार जैसी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं को तेजी से आगे बढ़ाना है। आरंभिक आवंटन राशि 28,115 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 30,248 करोड़ रुपये हो गई है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जो वित्त मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रही हैं, ने वर्ष 2025-26 के लिए विधानसभा में पूरक अनुदान मांग प्रस्तुत की। सदन ने ध्वनि मत से इस मांग को पारित कर दिया, जिससे इन प्रमुख क्षेत्रों में निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह निर्णय राजधानी की आवश्यकताओं और नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
संशोधित अनुमानों (RE) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं के कुल आवंटन में कुछ बदलाव आया है। बजटीय अनुमान (BE) के 59,300 करोड़ रुपये से इसे घटाकर 57,850 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि, पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 28,115 करोड़ रुपये से बढ़कर 30,248 करोड़ रुपये हो गया है, जो सीधे तौर पर बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाएगा।
परिवहन, शिक्षा और शहरी विकास में जबरदस्त इजाफा
दिल्ली सरकार के दस्तावेजों के मुताबिक, परिवहन क्षेत्र के लिए संशोधित आवंटन में भारी वृद्धि देखी गई है। यह 12,952 करोड़ रुपये से बढ़कर 16,024 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। इसी तरह, शिक्षा क्षेत्र के आवंटन को 19,291 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20,702 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे इसका हिस्सा कुल एक लाख करोड़ रुपये के बजट का लगभग 21 प्रतिशत हो गया है। यह दर्शाता है कि शिक्षा दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
आवास और शहरी विकास क्षेत्र के लिए भी संशोधित अनुमानों में वृद्धि की गई है, जो 10,694 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,754 करोड़ रुपये हो गए हैं। ये आंकड़े दिल्ली को एक आधुनिक और जीवंत शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को परिलक्षित करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के लिए आवंटन 2,929.66 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,046.66 करोड़ रुपये किया गया है, जो शहर के सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ है। दिल्ली नगर निगम (MCD) को मिलने वाली राशि भी 10,397 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 11,428 करोड़ रुपये कर दी गई है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के लिए 2,500 करोड़ रुपये का ऋण बढ़ाकर 3,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है, ताकि राजधानी में पानी की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) का आवंटन भी 2,780 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,433 करोड़ रुपये किया गया है, जो सार्वजनिक बस सेवा को मजबूत करेगा। इसके अतिरिक्त, बिजली वितरण कंपनियों को दी जाने वाली सब्सिडी को 3,600 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 4,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे नागरिकों को सस्ती बिजली मिलती रहेगी। यह सभी बदलाव दिल्ली के हर नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार के संकल्प को दर्शाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


