Delhi Gas Cylinder News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देशभर में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर आज से महंगे हो गए हैं। दिल्ली में इसकी कीमत में 42 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों और होटल-रेस्तरां पर सीधा असर पड़ेगा।
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पेट्रोल और डीजल के बाद अब वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की नई कीमत अब 3113.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में यह 3255.50 रुपये पर पहुंच गया है, जहां 53.50 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। पांच किलोग्राम वाले छोटे एफटीएल सिलेंडर के दाम भी 11 रुपये बढ़ा दिए गए हैं, जिसकी कीमत दिल्ली में 821.50 रुपये हो गई है। हालांकि, 14.2 किलोग्राम के घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए एक छोटी राहत है।
दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से कारोबार पर असर
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ने से सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बोझ पड़ेगा। इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखा जा सकता है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है। यह बढ़ोतरी आज, 1 जून से लागू हो गई है।
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सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाई
एक तरफ जहां गैस सिलेंडर महंगे हुए हैं, वहीं केंद्र सरकार ने आम जनता और उद्योगों को थोड़ी राहत देते हुए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाने की घोषणा की है। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स को आधा करके 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इसी तरह, डीजल पर टैक्स को घटाकर 13.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर कर को घटाकर 9.50 रुपये प्रति लीटर किया गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शून्य रहेगा। हालांकि, घरेलू इस्तेमाल में आने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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यह फैसले महंगाई के मौजूदा दौर में अर्थव्यवस्था पर मिश्रित प्रभाव डालेंगे। वाणिज्यिक गैस की कीमतों में वृद्धि जहां व्यापारिक लागत बढ़ाएगी, वहीं ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कमी से कुछ क्षेत्रों को राहत मिल सकती है।







