
बिहार में नगर निकाय चुनाव हो गए। जो जीते चौंड़े बने हैं जो हारे घर में दुबके हैं। मगर जीतने वाले कब शपथ लेंगे कब उनके पास पावर का संचार होगा यह प्रक्रिया फंसी हुई है। आखिर कब चुने हुए जनप्रतिनिधि शपथ लेंगे…मामला लटका है। कारण, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, नगर विकास विभाग का गजट प्रकाशित नहीं हुआ है। इस गजट के प्रकाशन के बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय करेगा। राज्य निर्वाचन आयोग नगर विकास विभाग की तरफ से गजट प्रकाशन की सूचना मिलने के बाद सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय करेगा।
इसके तहत आयोग के निर्देश पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएगी। उसी बैठक में शपथ ग्रहण शपथ ग्रहण के साथ ही निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल अगले पांच वर्षों के लिए प्रारंभ होगा। हालांकि, दो चरणों में 224 नगर निकायों के चुनाव हो गए और उसके विजेता भी सामने आ गए मगर शपथ के लिए इंतजार तो तय है।
वैसे, राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारियों को निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सूची नगर विकास एवं आवास विभाग को जल्द भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही सूची आयोग को भी उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद ही शपथ ग्रहण संबंधी कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर से तय किया जाएगा। इस तरह नगर निकाय के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ के लिए अभी इंतजार करना होगा।
बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली 2007 की धारा-87 में इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिया गया है। इसके तहत जिलाधिकारी द्वारा निकायों के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों की सूची उपलब्ध कराए जाने के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा गजट का प्रकाशन किया जाएगा। विभाग की तरफ से प्रकाशित गजट की सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को दी जाएगी।
इधर नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है। 23 जनवरी को सुनवाई होनी है। यदि इससे पहले अधिसूचना जारी होती है तो प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण का कार्यक्रम इससे पहले संपन्न हो जाएगा।







