

Bihar Charas Smuggling: नशे की काली दुनिया में सेंध लगाकर, डीआरआई ने बिहार के पूर्वी चंपारण में तस्करी के एक बड़े मंसूबे को न सिर्फ फेल किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के नापाक इरादों पर भी पानी फेर दिया है। यह सिर्फ एक खेप नहीं, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार है।
DRI की बड़ी कार्रवाई: ‘Bihar Charas Smuggling’ गिरोह के मंसूबों पर फिरा पानी
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की पटना क्षेत्रीय इकाई ने पूर्वी चंपारण जिले में सीमा पार से हो रही चरस की तस्करी के एक सुनियोजित प्रयास का पर्दाफाश किया है। एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, डीआरआई अधिकारियों ने छपवा-तुरकौलिया रोड के पास एक मोटरसाइकिल को रोका। इस मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति जूट की बोरी ले जा रहा था। जब इस बोरी की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से चरस के 63 पैकेट बरामद हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
फील्ड ड्रग टेस्टिंग किट से हुई प्रारंभिक जांच में इस पदार्थ के चरस होने की पुष्टि की गई। विस्तृत जांच से तस्करी के लिए अपनाई गई एक बेहद परिष्कृत और सुनियोजित तकनीक का खुलासा हुआ। तस्करों ने मोटरसाइकिल के पेट्रोल टैंक में एक गुप्त कैविटी या तहखाना बनाया हुआ था। इसके अलावा, सीट के अंदर एक अलग सहायक ईंधन प्रणाली भी लगाई गई थी, ताकि लंबी दूरी तक चरस की तस्करी की जा सके। यह आधुनिक तरीका नशीले पदार्थों की अवैध खेप को छिपाने का एक नया स्तर दर्शाता है।
करोड़ों की चरस और हाई-टेक तस्करी का भंडाफोड़
जब्त की गई चरस का कुल वजन 31.097 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 77,74,250/- रुपये बताई जा रही है। डीआरआई ने चरस के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और छिपाने के लिए प्रयुक्त सभी सामान को भी जब्त कर लिया है। इस मामले में संलिप्त व्यक्ति को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच अभी जारी है ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल अन्य ‘मादक पदार्थ’ तस्करों को भी पकड़ा जा सके।यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि डीआरआई पटना ने बिहार में मादक पदार्थ तस्करी को लगातार झटका दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 107 किलोग्राम चरस की कई बड़ी खेपें जब्त की गई हैं, जिसने सीमावर्ती तस्करी के गिरोहों के संचालन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। डीआरआई की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर रही है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते अवैध ‘मादक पदार्थ’ के कारोबार पर भी अंकुश लगा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।डीआरआई के अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेंगे और ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगे। उनकी यह लगातार सफलता दर्शाती है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स के खिलाफ पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



