spot_img

भारत सरकार के कृषि और कल्याण मंत्रालय का फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का भंडाफोड़, लाखों कैश, दर्जनों मोबाइल, कईं लैपटॉप, दर्जनों सिम कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद

spot_img
- Advertisement -

पटना में साइबर ठगी की हैरान करने वाली लगातार घटनाएं हो रही हैं। वहीं पुलिस भी चौकस और चौबंद है। वैसे साइबर क्रिमिनल इन दिनों पांच घटनाओं को अंजाम दिया है। इसमें कभी सीबीआई अफसर तो कभी बैंक मैनेजर बनकर पैसे ऐंठने के बीच ताजा मामला भारत सरकार के कृषि और कल्याण मंत्रालय के फर्जी वेबसाइट से ठगी का है।

- Advertisement -

क्रिमिनल ने केंद्र सरकार के कृषि और कल्याण मंत्रालय के नाम पर वेबसाइट बनाकर बड़ी ठगी की है। ऐन मौके पर पटना पुलिस भी एक्शन में आई। पढ़िए पूरी खबर

- Advertisement -

भारत सरकार के कृषि और कल्याण मंत्रालय का फर्जी बेबसाइट बनाकर ठगी करने वाला आठ साइबर फ्रॉड को साइबर थाना की पुलिस ने पटना से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के पास से 7 लाख 25 हजार रुपए कैश, 24 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और 62 सिम कार्ड, फिंगर क्लोन मशीन के अलावा कई दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

- Advertisement -

जानकारी के अनुसार, इस मामले में पीड़ितों ने बिहारशरीफ के साइबर थाने में मामला दर्ज कराया था। थाने में मामला दर्ज होने के बाद साइबर सेल के डीएसपी ज्योति शंकर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।

यह भी पढ़ें:  Bihar Government School New Timings: बदलेगा बिहार के सरकारी स्कूलों का समय अब इतने बजे से शुरू होंगी कक्षाएं, जानें छुट्टी का नया समय

टीम ने पटना के अलकापुरी और गर्दनीबाग में छापेमारी की। जहां से 8 साइबर ठगों को दबोचा गया। फिलहाल सभी साइबर ठगों से पुलिस पूछताछ में जुटी है।

मामला दर्ज होने के बाद साइबर सेल के डीएसपी ज्योति शंकर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। इसके बाद गठित टीम की ओर से पटना के अलकापुरी गर्दनीबाग स्थित छापेमारी किया गया, जहां से आठ साइबर ठग को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए सभी आरोपी से लगातार पूछ ताछ की जा रही है।

नालंदा के एसपी अशोक मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के कृषि और कल्याण मंत्रालय के फर्जी बेबसाइट बनाकर नालंदा के नगरनौसा, चंडी सहित अन्य जगह के 8 लोगो से ठगी किया गया था। इस मामले में पीड़ित की ओर से बिहारशरीफ के साइबर थाने में मामला दर्ज कराया गया।

इससे पहले, डिजिटल तकनीक को हथियार बनाकर सोशल साइट पर लूटपाट मचाने वाले साइबर फ्रॉड को नालंदा की पुलिस ने डिकोड करने के अपने प्रयास में बड़ी सफलता अर्जित की है। पिछले दो माह यानि जून व जुलाई में साइबर क्राइम से संबंधित दर्ज कुल 52 कांडों में अभी तक 38 साइबर फ्रॉड गिरफ्तार किये गए हैं।

इतना ही नहीं नालंदा की पुलिस ने लोगों के 21.85 लाख रुपए साइबर फ्रॉड के अकाउंट में डिपोजिट होने से बचा लिया। उक्त राशि को फ्रिज क्राइम दिया गया है। नालंदा के पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा की अगुवाई में साइबर क्राइम कंट्रोल को लेकर काम कर रही स्पेशल टीम ने साइबर अपराधियों के पास से 1.34 लाख रुपए की रिकवरी भी की।

नालंदा के पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया था कि टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन में यह बात सामने आई है कि साइबर फ्रॉड अब कृषि एवं कल्याण विभाग भारत सरकार का फर्जी वेबसाइट तैयार कर रखा है। जिसमें e-KYC का प्रावधान है।

इसके माध्यम से साइबर अपराधियों की ओर से e-KYC कराने वाले किसानों की बायोमेट्रिक पहचान की चोरी की जा रही है एवं उनका प्रयोग करके आधार से जुड़े खातों से पैसों की अवैध निकासी का मामला संज्ञान में आया है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि लोगों को अपने बायोमेट्रिक को यूआईडी के मोबाइल एप के द्वारा नियंत्रित रखना चाहिए। एसपी ने साइबर अपराध से खुद को बचाकर रखने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। एसपी ने बताया कि बिहार थाना एवं साइबर थाना के संयुक्त प्रयास से फेसबुक की ओर से वायरल अश्लील वीडियो को घंटे घंटे में हटाया गया। संबंधित आरोपी की गिरफ्तारी की गई।

इसी तरह साइबर थाना एवं छबीलापुर थाना के संयुक्त प्रयास से बायोमेट्रिक डिटेल्स चोरी करने वाले एक साइबर फ्रॉड को ग्राम वासियों को जन वितरण प्रणाली का कार्ड बनाने के नाम पर बायोमेट्रिक लेने के क्रम में गिरफ्तार किया गया।

साइबर थाना एवं सोह सराय थाना के संयुक्त प्रयास से ट्यूटर में धार्मिक भावना को आहत करने वाले पोस्ट के हैंडलर की पहचान कर तत्काल विधि सम्मत कार्रवाई की गई।

यह भी पढ़ें:  Bihar Vehicle Sales: बिहार में गाड़ियों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, पहली बार 15 लाख का आंकड़ा पार

वहीं, पटना में साइबर ठगों ने आतंक मचाया हुआ है। इनके निशाने पर जरूरतमंद से लेकर सरकारी कर्मी तक चढ़ रहे हैं। सीबीआइ के अफसर और बैंक मैनेजर बनकर कॉल कर रहे हैं। लोगों को झांसे में रखकर उनसे ठगी की जा रही है। पटना में ये मामले अधिक सामने आए हैं।

शातिरों ने कभी सेक्सटॉर्शन का शिकार बनाकर ठगी की तो कभी बैंक मैनेजर बनकर। जॉब की तलाश करने वाले भी इनके रडार पर रहते हैं।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Maruti Dzire या Honda Amaze: भारतीय सड़कों पर सेडान का असली बादशाह कौन?

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सब-कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट हमेशा से खरीदारों के लिए आकर्षण का...

Redmi A7 Pro: Xiaomi ने पेश किया नया बजट किंग, जानें खूबियां और कीमत

Redmi A7 Pro: वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में Xiaomi ने एक बार फिर हलचल मचा...

भारत में Electric Car की बढ़ती धूम: मार्च 2026 में टाटा मोटर्स बनी ग्राहकों की पहली पसंद

Electric Car: भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से बदल रहा है, और अगर...

Redmi A7 Pro लॉन्च: क्या यह नया Smartphone बाजार में मचाएगा धूम?

Smartphone: वैश्विक तकनीक बाजार में एक और धमाकेदार एंट्री हुई है, जो कम बजट...