
Varanasi Iftar Party: गंगा की पवित्र लहरों के बीच धार्मिक सौहार्द की डोर जब मर्यादा की सीमा लाँघे, तो आस्था का आंचल मैला होने लगता है। ऐसा ही कुछ मंजर दिखा वाराणसी में, जहां गंगा की गोद में आयोजित एक इफ्तार पार्टी ने विवाद को जन्म दे दिया। देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
गंगा में Varanasi Iftar Party: विवाद और गिरफ्तारी
वाराणसी की पावन गंगा नदी के बीच एक नाव पर इफ्तार की दावत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैला। इस वीडियो ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। रजत जायसवाल की शिकायत पर कोतवाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि वीडियो में पहचाने गए सभी 14 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस अधीक्षक (एसीपी) विजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें कल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो की सूचना मिली, जिसमें कुछ लोग गंगा किनारे इफ्तार पार्टी मना रहे थे। वीडियो में दिखाया गया था कि चिकन बिरयानी से भरा एक बड़ा बर्तन इस्तेमाल किया जा रहा है और आरोप है कि बचा हुआ खाना व हड्डियां सीधे नदी में फेंक दी गईं। इस मामले में गिरफ्तारियां हुई हैं और आगे की जांच जारी है। यह कृत्य गंगा की पवित्रता के साथ खिलवाड़ था।
क्या थी इफ्तार पार्टी और कैसे बढ़ा विवाद?
पुलिस के अनुसार, यह समूह गंगा नदी में एक नाव पर अपना रोज़े खोलने के लिए इकट्ठा हुआ था। विवाद तब शुरू हुआ जब इस सामूहिक इफ्तार का एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो तुरंत वायरल हो गया। वीडियो में कथित तौर पर प्रतिभागियों को चिकन बिरयानी खाते हुए और खाने के बचे हुए कचरे, विशेषकर हड्डियों को नदी में फेंकते हुए दिखाया गया है। इस कृत्य की व्यापक आलोचना हुई और कई शिकायतें दर्ज की गईं।
शिकायतकर्ताओं ने समूह पर गंगा की पवित्रता का अपमान करने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्होंने खाने का बचा हुआ कचरा सीधे नदी में फेंक दिया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कुछ लोगों ने इस कृत्य को धार्मिक भावनाओं को आहत करना के रूप में देखा, जिसके चलते पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 14 नामजद व्यक्तियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
वायरल वीडियो और जन आक्रोश के बाद, वाराणसी पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। सभी नामजद आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना गंगा की स्वच्छता और धार्मिक आस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करती है। पुलिस ने साफ किया कि गंगा में कचरा फैलाना या उसकी पवित्रता को भंग करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों से वर्तमान जांच के तहत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच हो और दोषी व्यक्तियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। यह मामला धार्मिक स्थलों पर सामाजिक व्यवहार और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है। पुलिस जल्द ही इस मामले में अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी।





