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मार्च, 12, 2026
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LPG Cylinder की किल्लत पर सरकार का ‘एक्शन मोड’, जमाखोरी रोकने के लिए देश भर में ESMA लागू, जानें क्या होगा असर

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LPG Cylinder: रसोई के चूल्हे पर मंडराते संकट के बीच केंद्र सरकार ने अपना ब्रह्मास्त्र निकाल लिया है। गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर अब कानूनी चाबुक चलेगा, क्योंकि सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) को लागू कर दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश में गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

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क्यों पड़ी LPG Cylinder पर ESMA लगाने की ज़रूरत?

केंद्र सरकार ने यह सख्त कदम देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलिंडर की बढ़ती जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाओं के बाद उठाया है। पिछले कुछ महीनों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि कुछ लोग कृत्रिम कमी पैदा कर ऊंचे दामों पर सिलिंडर बेच रहे हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर में रसोई गैस आसानी से उपलब्ध हो। एस्मा लागू होने के बाद, आवश्यक क्षेत्रों जैसे- अस्पताल, स्कूल और सरकारी संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।

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आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) एक ऐसा कानून है जो आम जन-जीवन के लिए ज़रूरी सेवाओं की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सरकार को विशेष अधिकार देता है। इसके लागू होने के बाद आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आवश्यक सेवाओं में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने तेल रिफाइनरियों को भी एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके।

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यह भी पढ़ें:  गोवा टूरिज्म पर मंडराया संकट: मध्य-पूर्व अशांति से गैस आपूर्ति पर खतरा!

आयात पर निर्भरता और पश्चिम एशिया का संकट

भारत अपनी घरेलू गैस की ज़रूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने कुल 03.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत की, जिसमें से केवल 01.28 करोड़ टन का उत्पादन ही देश में हुआ। इसका मतलब है कि हम अपनी ज़रूरत का लगभग 85-90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से आयात करते हैं। यह आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है, जो इस समय ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण संवेदनशील बना हुआ है। पिछले 11 दिनों से जारी संघर्ष के कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।

इस अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत में भी दिखने लगा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। देश के कई बड़े शहरों, जैसे- चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरें सामने आई हैं। इससे होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर सीधा असर पड़ रहा है और उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार का एस्मा लगाने का फैसला इसी बड़ी चुनौती से निपटने की एक रणनीति है, ताकि घरेलू उपयोग के लिए गैस की कोई कमी न हो। सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में किसी भी उथल-पुथल का सीधा असर आम आदमी की रसोई पर न पड़े।

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