
Gujarat Assembly Bomb Threat: शांत सरोवर में जैसे अचानक कोई कंकड़ पड़े और हलचल मचा दे, कुछ ऐसा ही मंजर बुधवार सुबह गुजरात विधानसभा परिसर में था। बजट सत्र की गहमागहमी के बीच एक ईमेल ने पूरे माहौल में सनसनी घोल दी।
Gujarat Assembly Bomb Threat: कैसे फैली सनसनी?
Gujarat Assembly Bomb Threat: गुजरात में बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले, बुधवार की सुबह विधानसभा परिसर में बम रखे होने की धमकी वाला एक ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल ने पूरे प्रशासनिक अमले को हरकत में ला दिया। अधिकारियों के अनुसार, सुबह 8:45 बजे विधानसभा के अधिकारियों को इस धमकी के बारे में जानकारी मिली, जबकि सदन की कार्यवाही सुबह नौ बजे शुरू होनी थी।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पीयूष वांडा ने बताया कि ईमेल में गुजरात विधान सभा परिसर में बम होने का दावा किया गया था, जिसके तुरंत बाद सभी कर्मचारियों और विधायकों को परिसर खाली करने के आदेश दिए गए। यह खबर तेजी से फैली और सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ईमेल के माध्यम से मिली इस गंभीर धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और विस्फोटक पदार्थों की तलाश के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, हर कोने को खंगाला गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। अभी तक की जानकारी के अनुसार, पुलिस को तलाशी अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
सुरक्षा घेरा मजबूत, गहन जांच जारी
धमकी भरे ईमेल के बाद विधानसभा परिसर को पूरी तरह से सील कर दिया गया था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से हर संभावित जगह की जांच की। हालांकि, शुरुआती जांच में कुछ भी ऐसा नहीं मिला है जो किसी खतरे का संकेत दे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और सुरक्षा के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब गुजरात में बजट सत्र अपने महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह धमकी केवल एक शरारत थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। विस्तृत जांच जारी है।





