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फ़रवरी, 24, 2026
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Haryana Farmers Protest: कुरुक्षेत्र में किसानों का तीन दिवसीय महाधरना शुरू, सरकार के खिलाफ हुंकार

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Haryana Farmers Protest: धरती पुत्रों का धैर्य जब जवाब दे देता है, तो खेत से लेकर राजधानी तक एक ही आवाज गूँजती है – हक की आवाज। हरियाणा की शांत धरती एक बार फिर किसानों के आक्रोश से उबल रही है, जहाँ अपनी जायज मांगों को लेकर हजारों अन्नदाताओं ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को राज्य के 10 प्रमुख किसान संगठनों ने मिलकर अपनी विभिन्न कृषि मांगों को लेकर कुरुक्षेत्र में तीन दिवसीय विशाल धरने का बिगुल फूंका। भारी सुरक्षा घेरे और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच, हजारों की संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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Haryana Farmers Protest: किसान संगठनों का जोरदार प्रदर्शन

सुबह-सुबह हजारों की तादाद में किसान ताऊ देवी लाल पार्क में इकट्ठा हुए। इसके बाद वे पैदल ही मुख्यमंत्री के शिविर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, लेकिन जिंदल चौक के पास पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। यह वह जगह थी, जहाँ पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।

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पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, प्रदर्शनकारी किसान सड़क पर ही बैठ गए और लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, जो स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा था। किसान नेताओं ने साफ कर दिया कि यह धरना अगले तीन दिनों तक जारी रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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किसान नेता मनदीप सिंह सिरसा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी प्रमुख कृषि मांगें केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को रद्द करने जैसी बड़ी नीतियां भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के बिजली बिल माफ करना और फसल क्षति के लिए उचित मुआवजा देना भी उनकी अहम मांगों में से एक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

किसानों की प्रमुख मांगें और सरकार से अपील

किसान नेता मनदीप सिंह सिरसा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों के खिलाफ भी है, जो किसानों के हितों को प्रभावित कर सकती हैं। किसानों की मुख्य कृषि मांगें निम्नलिखित हैं:

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि अमेरिका के साथ होने वाले कृषि संबंधी व्यापारिक समझौतों को तुरंत रद्द किया जाए। किसानों को डर है कि इन समझौतों से देसी बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और छोटे किसानों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी।
  • बिजली बिल माफी: राज्य के सभी किसानों के बकाया बिजली बिलों को पूरी तरह माफ करने की मांग। उनका तर्क है कि बढ़ती लागत और अनिश्चित मौसम के कारण किसान पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
  • फसल मुआवजा: प्राकृतिक आपदाओं, कीटों के हमले या अन्य कारणों से हुई फसल क्षति के लिए किसानों को उचित और तुरंत मुआवजा देने की अपील की गई है। किसानों का कहना है कि मुआवजे की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
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किसानों ने चेताया है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो उनका आंदोलन और तेज होगा। देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आप पढ़ रहे हैं।

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