Haryana Labor Scam: भ्रष्टाचार की काली परछाई ने एक बार फिर हरियाणा के श्रम विभाग को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। करोड़ों के घोटाले की आशंका के बीच अब सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, मानो नींद से जागी हो।
Haryana Labor Scam: हरियाणा में 1500 करोड़ का श्रम घोटाला, मुख्यमंत्री ने बिठाई उच्चस्तरीय जांच कमेटी
Haryana Labor Scam: आरोपों की जांच को बनी हाई-लेवल कमेटी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के श्रम विभाग में कथित कार्य पर्चियों के सत्यापन और श्रमिकों के पंजीकरण में हुई व्यापक अनियमितताओं की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि इस जांच समिति की अध्यक्षता भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी पंकज अग्रवाल करेंगे। उनके साथ आईएएस अधिकारी राजीव रतन और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी पंकज नैन बतौर सदस्य शामिल होंगे। यह समिति इस पूरे मामले की गहन पड़ताल करेगी और एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
यह घटनाक्रम हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के कुछ दिनों बाद सामने आया है। विज ने दावा किया था कि हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में कार्य पर्चियों से संबंधित गंभीर अनियमितताएं लंबे समय से चली आ रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह घोटाला लगभग 1,500 करोड़ रुपये का हो सकता है। श्रम विभाग में अनियमितताएं इतनी गहरी हैं कि इसकी परतें खुलने पर और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री सैनी को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की किसी प्रतिष्ठित जांच एजेंसी द्वारा गहन जांच की सिफारिश की थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
करोड़ों के घोटाले में कौन-कौन शामिल?
यह जांच समिति न केवल अनियमितताओं की जड़ों तक पहुंचेगी, बल्कि इसमें शामिल दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश भी करेगी। सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके और श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो।
जनता को उम्मीद है कि इस जांच के बाद न केवल सच्चाई सामने आएगी, बल्कि भ्रष्टाचारियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कमेटी अपनी रिपोर्ट में किन बड़े नामों का खुलासा करती है।
इस घोटाले का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद श्रमिकों पर पड़ा है, जिनके कल्याण के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग किया गया है। सरकार की इस पहल से श्रमिकों में न्याय की उम्मीद जगी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





